पाकिस्तान की सहमति के बाद अमेरिका ने ईरान पर गिराए बंकर बस्टर बम
भारत के 25 करोड़ मुसलमानों को समझना चाहिए पाकिस्तान का यह दोहरा चरित्र: रिपोर्ट
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
नई दिल्ली/तेहरान। 21 जून की रात दुनिया ने वह दृश्य देखा जो तीसरे विश्व युद्ध की आहट बनता जा रहा है। अमेरिका ने मुस्लिम देश ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बम गिरा दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान हमले को अंजाम देकर सुरक्षित लौट आए हैं।
इस बमबारी से पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका को मुस्लिम देश ईरान पर हमला करने का साहस कैसे मिला? सूत्रों की मानें तो 18 जून को पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिफ मुनीर को अमेरिका बुलाया गया था, जहां ईरान पर हमले की रणनीति पर सहमति ली गई।
पाकिस्तान ने न केवल अमेरिका को ईरान पर हमले की मंजूरी दी, बल्कि अपना एयरस्पेस भी अमेरिका को उपयोग करने दिया। यानी यह हमला पाकिस्तान की मिलीभगत से हुआ, और इसी कारण भारत में पाकिस्तान समर्थक मुस्लिम नेताओं को यह दोगलापन समझना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, जब ईरान में फंसे भारतीय छात्र—जिनमें अधिकांश मुस्लिम थे—फंसे हुए थे, तब भारत की मोदी सरकार ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। यह दर्शाता है कि भारत अपने सभी नागरिकों के लिए समर्पित है, जबकि पाकिस्तान मुस्लिम देश ईरान के विरुद्ध अमेरिका का साथ दे रहा है।
57 मुस्लिम देशों में केवल पाकिस्तान के पास है परमाणु हथियार, फिर भी अमेरिका का साथ
दुनिया के 57 मुस्लिम देशों में सिर्फ पाकिस्तान के पास परमाणु ताकत है। मुस्लिम देशों को उम्मीद थी कि पाकिस्तान ईरान के साथ खड़ा होगा, लेकिन इसके उलट उसने अमेरिका की मदद कर मुस्लिम एकता को झटका दिया है।
विश्व युद्ध की आशंका गहराई
चीन और रूस पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यदि अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो वे ईरान का समर्थन करेंगे। अब यदि ये देश अपने वादे पर खरे उतरते हैं, तो दुनिया को एक और विश्व युद्ध का सामना करना पड़ सकता है।
इसी बीच कई मुस्लिम देशों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के समुद्री जहाजों पर हमलों की चेतावनी जारी की है। इससे यह स्पष्ट है कि युद्ध अब हवा, जमीन के बाद समुद्र में भी फैल सकता है।
यदि यह युद्ध भड़कता है, तो यह सिर्फ एक क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक संकट बन जाएगा।
