- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान
रामपुर।उत्तर प्रदेश दिवस–2026 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रामपुर जनपद में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्रा के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
शाम 6:00 बजे से आयोजित इस व्यापक मॉक ड्रिल में बिल्डिंग में आग लगने, दुश्मन के हवाई हमले तथा भूकंप जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया गया। यह ड्रिल तहसील सदर स्थित आवास परिसर, जिला अस्पताल एवं पुलिस लाइन परिसर में आयोजित की गई।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान जन-धन की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं बचाव कार्य, विभागीय समन्वय तथा उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। निर्धारित परिदृश्य के अनुसार सबसे पहले बिल्डिंग में आग लगने की सूचना दी गई, जिस पर अग्निशमन दल ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया, भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
इसके बाद भूकंप की आपात स्थिति को दर्शाते हुए सायरन के माध्यम से अभ्यास कराया गया। इस दौरान भवनों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, खुले क्षेत्रों में एकत्र होने, घबराहट से बचने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने का अभ्यास कराया गया। जिला अस्पताल में संभावित घायलों के उपचार, आपात चिकित्सा सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था की तत्परता का भी परीक्षण किया गया।
दुश्मन के हवाई हमले की आशंका को ध्यान में रखते हुए सायरन बजाकर ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न की गई। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक प्रकाश स्रोतों को बंद रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अभ्यास कराया गया। साथ ही वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक सेवाओं की निरंतरता भी सुनिश्चित की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र की घेराबंदी, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का अभ्यास किया गया। प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन इकाई एवं अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ सक्रिय सहभागिता की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभ्यास की निगरानी की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का उद्देश्य राज्य एवं जनपद की आपदा प्रबंधन योजनाओं और मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा आमजन में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक होते हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्रा ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन की सुरक्षा और हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की मॉक ड्रिल अत्यंत आवश्यक है। इससे पुलिस और अन्य विभागों की तत्परता, समन्वय और जनसहयोग की क्षमता का आकलन होता है।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस, प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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