लखीसराय (सरफराज आलम)। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता को समर्पित भव्य ‘राष्ट्रीय एकता पदयात्रा’ का आयोजन शनिवार को बड़े उत्साह और गौरवपूर्ण माहौल में किया गया। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat) अभियान’ के तहत जिला प्रशासन लखीसराय एवं डीएम मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
अम्बेडकर स्मारक स्थल से हुई पदयात्रा की शुरुआत
सुबह 10 बजे लखीसराय स्थित अम्बेडकर स्मारक स्थल से पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्यगढ़ा के विधायक रामानंद मंडल ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।
विधायक रामानंद मंडल ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की और कहा कि देश की उन्नति युवा शक्ति के संकल्प और सकारात्मक सोच से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों और मजबूत राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दी।
डीएम मिथिलेश मिश्र ने दिया युवाओं को एकता का संदेश
डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को सशक्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यह पदयात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, समरसता और भाईचारे का संदेश देने का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि MY Bharat अभियान युवाओं में नेतृत्व क्षमता, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का राष्ट्रीय मंच है।
500 युवाओं की जोशीली भागीदारी
जिले के सातों प्रखंडों से लगभग 500 युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इस 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में हिस्सा लिया। पदयात्रा अम्बेडकर स्मारक से शुरू होकर सरदार पटेल की प्रतिमा स्थल तक पहुंची, जहां डीएम और अन्य अधिकारियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
युवाओं ने दिए सामाजिक जागरूकता के संदेश
पदयात्रा के दौरान युवा प्रतिभागियों ने—
राष्ट्रीय एकता
स्वच्छता
नशामुक्ति
पर्यावरण संरक्षण
मतदाता जागरूकता
जैसे विषयों पर प्रभावी नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।
शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
पदयात्रा शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। डीएम मिश्र ने सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों और सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिला प्रशासन आगे भी युवाओं के साथ मिलकर समाजहित एवं राष्ट्रहित के कार्यक्रमों को गति देता रहेगा।
कार्यक्रम में सूर्यगढ़ा के बीडीओ, स्कूली छात्र-छात्राएँ और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
