Child Helpline: रामपुर चाइल्ड हेल्पलाइन ने 10 वर्षीय बालक को परिवार से मिलाया, मध्य प्रदेश का रहने वाला है बच्चा
Rampur Child Helpline: चाइल्ड हेल्पलाइन रामपुर की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मध्य प्रदेश के 10 वर्षीय बालक को उसके परिजनों से मिला दिया। बालक थाना मिलक क्षेत्र में लावारिस अवस्था में घूमता हुआ मिला था। काउंसलिंग के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम ने उसके परिजनों से संपर्क किया और बाल कल्याण समिति के आदेश पर बालक को उसकी चाची के सुपुर्द कर दिया।
Child Helpline: थाना मिलक के माध्यम से मिला था मामला
जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन रामपुर को थाना मिलक के माध्यम से बालक मिलने का मामला प्राप्त हुआ। सूचना में बताया गया कि एक बच्चा लावारिस अवस्था में घूमता हुआ मिला है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ईरा आर्या ने जिला समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन निजामुद्दीन को मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची और बालक से पूछताछ की। शुरुआत में बालक अपना नाम लुसमन बता सका, लेकिन वह परिवार का फोन नंबर नहीं बता पा रहा था।
Child Helpline: काउंसलिंग में सामने आया मध्य प्रदेश का पता
टीम ने बालक की थाना मिलक में जीडी दर्ज कराई और उसे चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय लाया गया। बाल कल्याण समिति के मौखिक आदेश पर बालक को आश्रय दिया गया। कार्यालय में उसकी काउंसलिंग की गई।
काउंसलिंग के दौरान टीम के प्रयासों से बालक ने अपना नाम लुसमन, पिता का नाम अनूप खान सिंह और उम्र 10 वर्ष बताई। उसने अपना पता ग्राम जूना पानी, कालापीपल, बोदिकलां, जिला सीहोर, मध्य प्रदेश बताया। बालक ने यह भी जानकारी दी कि उसकी चाची मुरादाबाद में डबल फाटक पुल के नीचे रहती हैं।
Child Helpline: मुरादाबाद में परिजनों से किया संपर्क
बालक के पास परिजनों का फोन नंबर नहीं था। ऐसे में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बालक की ओर से बताए गए पते के आधार पर मुरादाबाद के थाना कटघर क्षेत्र में संपर्क किया। प्रयासों के बाद बालक के परिजनों से संपर्क स्थापित हुआ और उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय रामपुर बुलाया गया।
Child Helpline: बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाची को सौंपा
21 अक्टूबर 2026 को बालक लुसमन और उसकी चाची लाजपति को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेशानुसार बालक को उसकी चाची की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इस तरह चाइल्ड हेल्पलाइन रामपुर की टीम के प्रयासों से बालक को उसके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी हुई।

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