Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया खुलासा, सात राउंड फायरिंग और हथियार में खराबी की आशंका
Tiger Shroff: मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियार और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच के मुताबिक, घटना के दौरान सात राउंड फायर किए जाने की बात सामने आई है। मौके से पांच खाली खोखे और दो साबुत कारतूस मिलने की जानकारी है। पुलिस को आशंका है कि इस्तेमाल किए गए हथियारों में से एक में तकनीकी खराबी आई होगी। हालांकि, हथियारों की बरामदगी और उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Tiger Shroff : मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी फायरिंग
यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ अपनी कार में थे, तभी कथित तौर पर बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। टाइगर श्रॉफ इस घटना में सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर समेत दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। जांच टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है।
Tiger Shroff : घटनास्थल से मिले पांच खाली खोखे और दो साबुत कारतूस
जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से पांच खाली खोखे और दो साबुत कारतूस बरामद किए गए। कुल सात राउंड फायरिंग किए जाने की बात कही गई है। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद साक्ष्य घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों से किस तरह जुड़े हैं।
मौके से मिले साबुत कारतूसों को लेकर यह आशंका जताई गई कि फायरिंग के दौरान किसी हथियार में खराबी आई हो सकती है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। केवल घटनास्थल से मिले कारतूसों के आधार पर हथियार में खराबी की बात को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
पुलिस को इस्तेमाल किए गए हथियारों की तलाश भी है। हथियार बरामद होने और फॉरेंसिक जांच के बाद ही उनके प्रकार तथा घटना में उनकी भूमिका के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
Tiger Shroff : वारदात से पहले इलाके में मौजूद थे हमलावर
जांच से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर घटना से पहले इलाके में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि वे पुष्पा पार्क के पास कुछ समय तक इंतजार करते रहे। इसके बाद टाइगर श्रॉफ के बाहर निकलकर कार में बैठने पर हमला किया गया।
सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर तीन लोगों के दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की भूमिका तथा वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि घटना की योजना किसने बनाई, आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई और वारदात के पीछे क्या उद्देश्य था। इन सवालों के जवाब आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आ सकेंगे।
Tiger Shroff : कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़े जाने की जानकारी
इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की।
रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध पुणे-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर घटना में उनकी कथित भूमिका, अन्य लोगों से संपर्क और वारदात से जुड़े संभावित साक्ष्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को किसने निर्देश दिए और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। संदिग्धों के पकड़े जाने के बावजूद मामले की जांच पूरी नहीं मानी जा सकती, क्योंकि घटनाक्रम की सभी कड़ियों को साक्ष्यों के आधार पर जोड़ना जरूरी है। \
Tiger Shroff : लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध की भी जांच
फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा सामने आया। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस इस पहलू समेत सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है।
“जांचकर्ताओं को यह स्पष्ट करना होगा कि घटना के पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल थे और आरोपियों को किस तरह की मदद मिली।”
मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। सात राउंड फायरिंग और घटनास्थल से मिले कारतूसों की जानकारी ने जांच में एक नया पहलू जोड़ा है। हालांकि, हथियार में खराबी और किसी गिरोह की संलिप्तता से जुड़े दावों को फिलहाल शुरुआती जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होंगे।
