Hardik Singh’s Welcome: एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर लौटी भारतीय हॉकी टीम, हार्दिक सिंह के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे भाई मनमीत सिंह
'टीम इंडिया का दिखा दबदबा': मनमीत सिंह बोले- पूरे एशिया पर एकतरफा जीत दर्ज कर रचा इतिहास
Hardik Singh’s Welcome: हांगझू एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने आक्रामक और शानदार खेल की बदौलत ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है। फाइनल मुकाबले में जापान को 5-1 से एकतरफा शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाली भारतीय हॉकी टीम जब अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची, तो वहां खिलाड़ियों के परिजनों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार और गर्मजोशी भरा स्वागत किया। भारतीय टीम के उपकप्तान और स्टार मिडफील्डर हार्दिक सिंह का स्वागत करने के लिए उनके भाई मनमीत सिंह विशेष रूप से एयरपोर्ट पहुंचे थे।
दबदबे के साथ मिली ऐतिहासिक जीत पर गर्व
हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत करते हुए मनमीत सिंह ने कहा कि पूरे परिवार में बेहद खुशी और गर्व का माहौल है। उन्होंने कहा, “मैं अपने भाई हार्दिक सिंह को लेने आया हूं। हमारे लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि भारतीय टीम ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है। एशियाई खेलों में एशिया की सभी मजबूत टीमें खेलती हैं, लेकिन हमारी टीम ने हर विपक्षी टीम पर पूरी तरह हावी होकर (डोमिनेट करके) एकतरफा अंदाज में यह जीत दर्ज की है। टीम का यह खेल दर्शाता है कि भारतीय हॉकी का स्तर आज कितना ऊंचा हो चुका है।”
मैच के पलों का अनुभव और आगे की तैयारी
फाइनल मैच के दौरान अपने अनुभव को साझा करते हुए मनमीत सिंह ने बताया कि मैच की शुरुआत में मन में थोड़ी घबराहट जरूर थी कि क्या होगा और मुकाबला किस दिशा में जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा और भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी पकड़ मजबूत की, वैसे-वैसे घबराहट पूरी तरह दूर हो गई और साफ हो गया कि भारतीय टीम ही चैंपियन बनेगी। उन्होंने आगे कहा कि टीम का मौजूदा फॉर्म शानदार है और आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी सहित आने वाले सभी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय हॉकी टीम इसी विजयी लय को बरकरार रखेगी।
प्रशासन की अनुपस्थिति पर सकारात्मक रुख
हवाई अड्डे पर प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने के सवाल पर मनमीत सिंह ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का आगमन देर रात हुआ है, इसलिए हो सकता है कि अधिकारियों की कोई निजी या प्रशासनिक मजबूरी रही हो। उन्होंने याद दिलाया कि टोक्यो ओलंपिक के दौरान जब खिलाड़ी दिन में आए थे तब सभी अधिकारी मौजूद थे, लिहाजा रात के समय किसी की अनुपस्थिति को तूल नहीं दिया जाना चाहिए।
