UP Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव में सपा का तीसरा दांव, 6 अक्टूबर को दाखिल होगा नामांकन

UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी ने अपने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी की ओर से बताया गया है कि तीसरा उम्मीदवार 6 अक्टूबर को विधान भवन पहुंचकर नामांकन दाखिल करेगा। 6 अक्टूबर ही नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है।

सपा पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने 30 सितंबर को अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था। अब तीसरे उम्मीदवार के उतरने से राज्यसभा चुनाव में अतिरिक्त सीट के लिए मुकाबला और रोचक हो गया है।

UP Rajya Sabha Election 2026:  6 अक्टूबर को सामने आएगा तीसरे उम्मीदवार का नाम

सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नाम सार्वजनिक नहीं किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने नामांकन की पूरी तैयारी कर ली है और उम्मीदवार मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को विधान भवन पहुंचकर पर्चा दाखिल करेगा।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी पुष्टि की है कि तीसरे उम्मीदवार के नामांकन के लिए जरूरी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जुटा लिए गए हैं। उनके मुताबिक, 10 विधायकों ने प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर किए हैं और वह खुद भी प्रस्तावक हैं।

इस तरह सपा ने आखिरी समय में तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले को सीधा मुकाबला बनाने की कोशिश की है। हालांकि तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए पार्टी को अपने मौजूदा संख्याबल के अलावा अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

UP Rajya Sabha Election 2026:  BJP ने जारी की 8 उम्मीदवारों की सूची

सपा के तीसरे उम्मीदवार के नामांकन से पहले बीजेपी ने भी उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए अपने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है और उसके पुराने कई राज्यसभा सदस्यों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।

बीजेपी की सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं।

इस सूची में दो महिला उम्मीदवार भी हैं। पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में उतारा है। बीजेपी की सूची को सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

UP Rajya Sabha Election 2026: 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।

मौजूदा विधानसभा संख्याबल के हिसाब से एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रभावी संख्या इस समय रिक्तियों के कारण 400 से कम है। इसी गणित के कारण बीजेपी अपनी मौजूदा ताकत के आधार पर सात सीटों पर मजबूत स्थिति में दिखाई देती है, जबकि सपा दो सीटें जीतने की स्थिति में है।

तीसरी सीट के लिए ही असली राजनीतिक मुकाबला बन रहा है।

 

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UP Rajya Sabha Election 2026: तीसरी सीट के लिए क्यों बढ़ी सियासी हलचल?

सपा के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद भी कुछ अतिरिक्त वोट बचते हैं। इसी अतिरिक्त संख्या के आधार पर पार्टी तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की रणनीति बना रही है। लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए केवल सपा के वोट पर्याप्त नहीं होंगे।

इसके लिए पार्टी को दूसरे दलों के विधायकों या संभावित क्रॉस वोटिंग से समर्थन मिलने की जरूरत होगी। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में अब सिर्फ उम्मीदवारों के नाम ही नहीं, बल्कि विधानसभा के मौजूदा संख्याबल और विधायकों की राजनीतिक स्थिति पर भी नजर है।

सपा खेमे की ओर से दावा किया गया है कि कुछ ऐसे विधायक हैं जिनसे उसे समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि इन दावों को चुनाव परिणाम से पहले निश्चित नतीजे के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

UP Rajya Sabha Election 2026: BJP के सामने आठवीं सीट बचाने की चुनौती

बीजेपी ने यूपी से आठ उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी के पास सहयोगी दलों के साथ मिलाकर विधानसभा में मजबूत संख्याबल है। मौजूदा गणित के आधार पर बीजेपी कम से कम सात सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में मानी जा रही है, जबकि आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।

यही आठवीं सीट अब चुनाव का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। अगर सपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो मुकाबला सीधे तौर पर अतिरिक्त सीट के लिए हो सकता है।

बीजेपी के सामने जहां अपने आठों उम्मीदवारों को जिताने की चुनौती होगी, वहीं सपा तीसरे उम्मीदवार के लिए जरूरी अतिरिक्त वोट जुटाने की कोशिश करेगी।

UP Rajya Sabha Election 2026:  अखिलेश यादव की रणनीति पर टिकी नजर

राज्यसभा चुनाव में सपा की रणनीति पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की भूमिका महत्वपूर्ण है। पार्टी ने पहले दो उम्मीदवारों के नाम समय रहते घोषित किए थे, लेकिन तीसरे उम्मीदवार का नाम अंतिम समय तक रोककर रखा गया।

नामांकन के आखिरी दिन उम्मीदवार के नाम का ऐलान करने की रणनीति ने चुनाव को और चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक रूप से यह कदम विपक्षी खेमे में सपा की रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि उम्मीदवार की जीत के लिए जरूरी संख्या जुटाना सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। विधानसभा में मौजूद दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण हो सकती है।

UP Rajya Sabha Election 2026:  चुनाव से पहले तेज होगा जोड़-तोड़ का दौर

राज्यसभा चुनाव सामान्य प्रत्यक्ष चुनाव से अलग होता है। इसमें विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं और वोटों की गणना प्रथम वरीयता के आधार पर होती है। इसलिए उम्मीदवारों की जीत केवल पार्टी के घोषित विधायक संख्या पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि अतिरिक्त वोटों और राजनीतिक समर्थन का गणित भी अहम हो जाता है।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले होने वाला यह राज्यसभा चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है। बीजेपी और सपा दोनों ही अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में विधायकों की बैठकें, उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर बातचीत और संभावित क्रॉस वोटिंग की अटकलें राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकती हैं।

UP Rajya Sabha Election 2026: 16 अक्टूबर को साफ होगी तस्वीर

फिलहाल सपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारने का फैसला कर लिया है और 6 अक्टूबर को नामांकन दाखिल होने की तैयारी है। बीजेपी पहले ही अपने आठ उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। ऐसे में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी मुकाबले का सबसे दिलचस्प हिस्सा अब तीसरी और आठवीं सीट के आसपास केंद्रित हो गया है।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद सभी दल अपने-अपने संख्याबल और समर्थन का आकलन करेंगे। 16 अक्टूबर को मतदान के बाद ही यह तय होगा कि अतिरिक्त सीटों के इस सियासी मुकाबले में किसका गणित काम करता है।

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