Bareilly Amal Saini Case: पत्रकार अमल सैनी पर यातायात पुलिस की तहरीर पर तीसरी रिपोर्ट दर्ज, ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोप
कलेक्ट्रेट के बाबू से भी 15 हजार की मांग का आरोप, 10 हजार देने के बाद हटाया गया वीडियो; महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में भी अमल और साथी जा चुके हैं जेल
Bareilly Amal Saini Case: कथित पत्रकार और यू-ट्यूबर अमल सैनी के खिलाफ बरेली में शिकायतों और मुकदमों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब यातायात पुलिस में तैनात टीएसआई जसपाल सिंह की तहरीर पर अमल सैनी और उसके दो-तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायत में पुलिसकर्मियों की फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने, पैसे की मांग करने, ब्लैकमेल करने, यातायात व्यवस्था में बाधा डालने और कथित रूप से एआई से कूटरचित तस्वीरें तैयार कर भ्रामक पोस्ट प्रसारित करने के आरोप लगाए गए हैं।
इससे पहले कलेक्ट्रेट में तैनात एडीएम प्रशासन के स्टेनोग्राफर संजीव कश्यप की शिकायत पर भी अमल सैनी समेत उसके चार साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं, महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में अमल सैनी और उसके साथी शोएब को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी है, जहां से दोनों को जेल भेजा गया था।
यातायात पुलिसकर्मी से हर महीने पैसे मांगने का आरोप
टीएसआई जसपाल सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शहर के विभिन्न चौराहों और तिराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए लगाई जाती है। आरोप है कि अमल सैनी अपने दो-तीन साथियों के साथ ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचकर खुद को ‘जनता की सोच’ चैनल का पत्रकार बताता है।
तहरीर के अनुसार आरोपित कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से कहता है कि यदि हर महीने पैसे दिए जाते रहें तो उनके ड्यूटी प्वाइंट की अच्छी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली जाएंगी। पैसे देने से इनकार करने पर ड्यूटी प्वाइंट पर जाम लगने की फर्जी फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप है।
एआई से कूटरचित फोटो और भ्रामक पोस्ट का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पैसे देने से मना करने के बाद अमल सैनी और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों की फोटो और वीडियो का इस्तेमाल करते हुए कथित रूप से कूटरचित तस्वीरें तैयार कीं। तहरीर में एआई से तैयार की गई कथित तस्वीरों तथा पुलिस वाहन चेकिंग में अवैध वसूली जैसे आरोपों वाली भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य माध्यमों पर प्रसारित करने का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपित और उसके साथी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाते और फोटो खींचते हैं तथा उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं। इससे यातायात व्यवस्था में भी व्यवधान उत्पन्न होने की बात कही गई है।
कलेक्ट्रेट के स्टेनोग्राफर से 15 हजार मांगने का आरोप
अमल सैनी और उसके कथित साथियों के खिलाफ दर्ज दूसरे मामले में एडीएम प्रशासन के स्टेनोग्राफर संजीव कश्यप ने पुलिस को बताया कि 22 सितंबर को अमल सैनी अपने साथियों अवधेश कुमार, मनोज गौतम, पवन त्रिपाठी और संतोष शाक्य के साथ कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय पहुंचे थे।
शिकायत के मुताबिक सभी ने खुद को पत्रकार और यू-ट्यूबर बताया तथा एक हैसियत प्रमाणपत्र के निर्गमन से संबंधित जानकारी मांगी। इसी दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारी का वीडियो बना लिया गया।
आरोप है कि वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने 15 हजार रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक वीडियो सोशल मीडिया और फेसबुक पर अपलोड भी कर दिया गया।
10 हजार रुपये देने के बाद हटाया गया वीडियो
स्टेनोग्राफर के आरोप के अनुसार अगले दिन आरोपितों ने वही वीडियो दिखाकर दोबारा रुपये की मांग की और गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद सहकर्मी की मौजूदगी में उन्होंने 10 हजार रुपये दिए। शिकायत के मुताबिक रुपये मिलने के बाद वीडियो फेसबुक से हटा दिया गया।
इस मामले में अमल सैनी समेत चार अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव कुमार के अनुसार अमल सैनी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि मामले में सामने आए अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
महिला को आत्मदाह के लिए उकसाने के मामले में भी जेल
अमल सैनी के खिलाफ एक अन्य गंभीर मामला महिला को आत्मदाह के लिए कथित रूप से उकसाने का है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक सीबीगंज क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी अब्दुल कयूम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनके बेटे तस्लीम और बहू शबाना खान के बीच विवाद चल रहा था।
इसी दौरान शबाना की मुलाकात शोएब और कथित यू-ट्यूबर अमल सैनी से हुई। आरोप है कि अमल ने खुद को मीडियाकर्मी बताते हुए अधिकारियों से संबंध होने की बात कही और मामले को खत्म कराने के नाम पर रुपये मांगे। शिकायत के मुताबिक डराने-धमकाने के बाद छह हजार रुपये लिए गए।
पुलिस का आरोप है कि इन्हीं लोगों के कहने पर शबाना ने एसएसपी कार्यालय में खुद पर तेल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने अमल सैनी और उसके साथी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
कई अन्य पीड़ितों के सामने आने का दावा
पुलिस के अनुसार अमल सैनी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान अन्य लोगों से भी कथित रूप से ब्लैकमेलिंग और रुपये मांगने की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। इनमें कुछ अस्पतालों से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस अब अलग-अलग शिकायतों में सामने आए आरोपों, सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, फोटो, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित रूप से पोस्ट और वीडियो तैयार करने तथा प्रसारित करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
यातायात पुलिसकर्मी की तहरीर पर दर्ज नए मामले समेत कलेक्ट्रेट के स्टेनोग्राफर की शिकायत और महिला आत्मदाह प्रकरण में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट : अमल सैनी और अन्य आरोपियों पर लगाए गए आरोप संबंधित शिकायतों और पुलिस रिपोर्टों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
