ASI Harjit Singh Murder: अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच शुरू, मौके पर पहुंचे डीजीपी गौरव यादव।

​​अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या: डीजीपी गौरव यादव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, आतंकी दावे को बताया 'कवर'

ASI Harjit Singh Murder: पंजाब के अमृतसर में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को अमृतसर में उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और स्थिति का जायजा लिया। इससे पूर्व डीजीपी ने स्वयं क्राइम सीन का तकनीकी मुआयना किया और शहीद पुलिसकर्मी के शोकाकुल परिवार से मिलकर गहरा दुख साझा किया।

​डीजीपी ने बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट, आईजी बॉर्डर रेंज, एसएसपी अमृतसर रूरल और एआईजी एसएसओसी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसमें पुलिस बल की ऑपरेशनल तैयारियों, सतर्कता और मामले की जांच की दिशा तय की गई। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि एएसआई हरजीत सिंह थाना गेट हकीमां में तैनात थे और रात करीब 9:30 बजे उन्हें दाना मंडी में ड्यूटी के लिए भेजा गया था। रात 1:05 बजे कंट्रोल रूम (112) को सूचना मिली कि एक पुलिसकर्मी को गोली लगी है। उन्हें तुरंत अमनदीप अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​वारदात की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला है कि रात करीब 12:32 बजे दो संदिग्ध व्यक्ति एक एक्टिवा पर सवार होकर घटनास्थल से फरार हुए। यह वारदात लगभग 12:30 बजे अंजाम दी गई। क्राइम सीन से .30 बोर का एक खाली खोल बरामद हुआ है। एएसआई के सिर/गर्दन के पिछले हिस्से में एक गोली लगने का निशान मिला है। डीजीपी ने बताया कि फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है और संदिग्धों के रूट का बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज ट्रेस करने के लिए विशेष टीमें जुटी हुई हैं।

​वारदात के पीछे ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ के नाम से वायरल हो रहे दावों पर पूछे गए सवाल के जवाब में डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि यह कोई वास्तविक संगठन नहीं है, बल्कि एक फ्रंट और कवर मात्र है। उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे हैंडलर्स और असामाजिक तत्व ऐसी वारदातों को अंजाम दिलवाने के लिए इस तरह के नामों का इस्तेमाल मुखौटे के तौर पर करते हैं।

​डीजीपी ने शहीद एएसआई के परिवार के प्रति विभाग की एकजुटता दोहराते हुए कहा कि पूरी पंजाब पुलिस एक परिवार की तरह है। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब सरकार की नीति के तहत मुख्यमंत्री द्वारा पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) दी जाएगी। इसके अलावा पुलिस के इंश्योरेंस पार्टनर एचडीएफसी बैंक की तरफ से 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच जंगी स्तर पर जारी है और अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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