Lucknow Hit and Run Case: लखनऊ हिट एंड रन केस में आरोपी शाहनवाज गिरफ्तार, पहचान छिपाने के आरोप से बढ़ा विवाद
Lucknow Hit and Run Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास युवती को कार से टक्कर मारने और उसे कुछ दूरी तक कार के बोनट पर घसीटने के मामले में पुलिस ने आरोपी शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और पीड़िता पहले से एक-दूसरे को जानते थे। मामले में हत्या के प्रयास समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जनेश्वर मिश्र पार्क के पास हुआ था विवाद
यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर एक्सटेंशन इलाके में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, युवती अनामिका वहां पहुंची थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात शाहनवाज से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान शाहनवाज कार लेकर वहां से निकलने लगा और युवती कार के सामने आ गई। इसके बाद कार आगे बढ़ी और युवती बोनट पर आ गई।
घटना के सामने आए वीडियो में युवती को चलती कार के बोनट पर देखा गया। आसपास मौजूद लोगों ने वाहन को रोकने की कोशिश की। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद आरोपी की तलाश शुरू की थी।
आरोपी शाहनवाज गिरफ्तार
पुलिस ने कार के नंबर और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार को भी बरामद किया है। मामले में उसके साथ मौजूद बताए जा रहे दानिश के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
DCP ईस्ट दीक्षा शर्मा के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और युवती एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी है।
पहचान छिपाने का भी आरोप
इस मामले में पीड़िता की ओर से आरोपी पर अपनी पहचान छिपाकर उसके साथ संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, युवती का दावा है कि शाहनवाज ने उसे अपना नाम ‘यश ठाकुर’ बताया था। बाद में उसे आरोपी की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी हुई।
हालांकि, पहचान छिपाने और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने भी लिया संज्ञान
मामले ने सार्वजनिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने घटना पर संज्ञान लिया और मामले की गहराई से जांच की बात कही। उन्होंने पीड़िता की ओर से सामने आए आरोपों का हवाला देते हुए इसे पहचान और कथित दबाव से जुड़े मामले के तौर पर जांचने की मांग की है। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरोपी ने लगाए अलग आरोप
मामले में आरोपी शाहनवाज ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने पुलिस से कहा कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है और दावा किया कि युवती पिछले कुछ महीनों से उसका पीछा कर रही थी और उसे परेशान कर रही थी। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
लखनऊ के इस मामले में एक तरफ युवती ने आरोपी पर कार से टक्कर मारने और पहचान छिपाने समेत गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अलग दावे किए हैं। घटना का वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी जांच का हिस्सा है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे विवाद की पूरी वजह क्या थी और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
