पंचायत राजनीति के संघर्ष की कहानी है फिल्म ‘बिगुल’,साची तिवारी निभा रहीं ज्योति की मुख्य भूमिका

फिल्म ‘बिगुल’ में दिखेगी पंचायत की सियासत और महिलाओं के नेतृत्व की कहानी

-दादू काका की राजनीतिक ताकत को चुनौती देगी ज्योति, प्रखंड प्रमुख बनने तक पहुंचा संघर्ष

फिल्म बिगुल की कहानी पंचायत समिति सदस्यों और प्रखंड प्रमुख के चुनाव के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में पंचायत की सत्ता, राजनीतिक संघर्ष और महिलाओं के नेतृत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कहानी में पंचायत समिति के सदस्यों को एक शक्तिशाली प्रखंड प्रमुख पद के उम्मीदवार दादू काका द्वारा होटल में बंद कर दिया जाता है। इसके बाद फिल्म की नायिका ज्योति जिसका किरदार अभिनेत्री साची तिवारी निभा रही हैं,अन्याय और दबाव के खिलाफ आवाज उठाती हैं। संघर्ष के बाद वह दादू काका की राजनीतिक ताकत को चुनौती देती हैं और अंतत नई प्रखंड प्रमुख बनने में सफल होती हैं।फिल्म में कई महत्वपूर्ण और रोचक किरदारों को शामिल किया गया है।

अभिनेत्री प्रिया तिवारी बिजली रानी के किरदार में नजर आएंगी। बिजली रानी का किरदार एक कोठेवाली का है,जो फिल्म की कहानी में अपनी अलग पहचान और प्रभाव रखती है। वह अपनी पंचायत प्रस्तुत करती है और कहानी को एक अलग सामाजिक एवं राजनीतिक आयाम देती है।

साची तिवारी द्वारा निभाया गया ज्योति का किरदार फिल्म की केंद्रीय भूमिका है। ज्योति के संघर्ष, साहस और नेतृत्व के माध्यम से फिल्म पंचायत स्तर की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और उनके नेतृत्व की क्षमता को रेखांकित करती है। ‘बिगुल’ मनोरंजन के साथ-साथ ग्रामीण राजनीति और सामाजिक बदलाव का संदेश देने वाली फिल्म के रूप में सामने आती है। फिल्म के डायरेक्टर और राइटर अजय सिंह, प्रोड्यूसर सोनू कुमार सिन्हा,रौशन कुमार साहबान अंसारी है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.