13 साल बाद ईस्ट जोन बना दलीप ट्रॉफी चैंपियन, इशान किशन के 350 रन ने रचा इतिहास; वैभव सूर्यवंशी भी रहे चर्चा में
नई दिल्ली: दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रचते हुए 13 साल बाद खिताब अपने नाम कर लिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। टीम की इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान इशान किशन का बल्ला जमकर बोला। इशान ने पूरे मुकाबले में कुल 350 रन बनाए और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ईस्ट जोन ने 13 साल बाद जीती ट्रॉफी
ईस्ट जोन ने फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत कप्तान इशान किशन की 270 रन की शानदार पारी रही। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शतकीय पारी खेली। जवाब में साउथ जोन की टीम अपनी पहली पारी में 336 रन ही बना सकी।
इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई। फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहने के कारण इसी पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का चैंपियन घोषित किया गया।
इशान किशन ने बनाए कुल 350 रन
फाइनल में इशान किशन की बल्लेबाजी इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रही। उन्होंने पहली पारी में 270 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में 80 रन का योगदान दिया। इस तरह उन्होंने मैच में कुल 350 रन बनाए।
इशान के 350 रन ने उन्हें दलीप ट्रॉफी फाइनल में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी ने ईस्ट जोन को पहली पारी में विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में भी ईस्ट जोन का दबदबा
पहली पारी में 372 रन की बढ़त हासिल करने के बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी जारी रखी। इशान किशन ने यहां भी अर्धशतक लगाया और 80 रन बनाए। इसके बाद मोहम्मद कुनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की पारी खेली।
ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी बड़ा स्कोर खड़ा किया और साउथ जोन पर दबाव बनाए रखा। अंत में मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त ने ईस्ट जोन को खिताब दिला दिया।
वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कैसा रहा?
ईस्ट जोन की टीम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी आकर्षण का केंद्र रहे। वह इस टूर्नामेंट में ईस्ट जोन के अहम खिलाड़ियों में शामिल थे। हालांकि फाइनल और पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन इशान किशन की तरह बड़ा नहीं रहा।
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में कुल पांच पारियों में 192 रन बनाए। उनके बल्ले से एक अर्धशतक भी निकला। इसके अलावा टूर्नामेंट में उन्होंने 10 छक्के लगाए और इस मामले में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे।
इशान किशन बने प्लेयर ऑफ द मैच
फाइनल में 350 रन बनाने और टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले इशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।
तिलक वर्मा ने फाइनल की पहली पारी में 99 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए। साउथ जोन की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने भी 62 रन बनाए।
ईस्ट जोन की ऐतिहासिक वापसी
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की यह जीत लंबे इंतजार के बाद आई है। टीम ने 13 साल बाद खिताब अपने नाम किया। फाइनल तक पहुंचने के सफर में ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को हराया और इसके बाद मौजूदा चैंपियन सेंट्रल जोन को सेमीफाइनल में मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।
फाइनल में इशान किशन की कप्तानी और उनकी बल्लेबाजी ने टीम की जीत की नींव मजबूत कर दी।
खास रहा दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल कई वजहों से खास रहा। एक तरफ ईस्ट जोन ने 13 साल बाद खिताब जीता, तो दूसरी तरफ इशान किशन ने 350 रन बनाकर फाइनल में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। युवा वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने भी इस मुकाबले को खास बनाया।
ईस्ट जोन की 708 रन की पहली पारी और साउथ जोन के 336 रन पर सिमटने के बाद मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई थी। पहली पारी में 372 रन की बढ़त अंततः ईस्ट जोन के लिए निर्णायक साबित हुई और टीम ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
