सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर 10 से 12 तक जिला स्तरीय पंचायत, 13 को कुरुक्षेत्र में होगी राज्य स्तरीय महापंचायत
नगरपालिका कर्मचारी संघ ने सभी सामाजिक संगठनों से मांगा समर्थन, सरकार पर समझौता लागू न करने और दमन का लगाया आरोप
Ellenabad/Sirsa, (एम पी भार्गव): हरियाणा में पालिका, परिषद और नगर निगमों के सफाई एवं सीवर कर्मचारियों तथा अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की 6 अगस्त से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर आंदोलन तेज हो गया है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश के सभी सामाजिक, धार्मिक, छात्र, श्रमिक, किसान, गुरुद्वारा कमेटी, वाल्मीकि-दलित संगठन, व्यापारिक संस्थाओं, RWA और राजनीतिक संगठनों से हड़ताल के समर्थन में आगे आने की अपील की है।
संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगेराम तिगरा द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि सफाई व सीवर कर्मचारी कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में शहरों को स्वच्छ रखने का काम करते हैं, वहीं अग्निशमन कर्मचारी जान की परवाह किए बिना जनता की जान-माल की रक्षा करते हैं।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप
यूनियन का आरोप है कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसी कारण कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। प्रेस नोट में आरोप लगाया गया है कि सरकार समाधान की बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है और कई जगह महिला सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार, गिरफ्तारी और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रमुख मांगें
– कच्चे कर्मचारियों (फायर सहित) को पक्का करना
– ठेका प्रथा समाप्त कर विभाग के रोल पर लेना
– सफाई व सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती
– समान काम का समान वेतन, न्यूनतम वेतन और सेवा सुविधाएं
– फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद भवीचन्द शर्मा व रणवीर के परिवार को न्याय
आंदोलन की रूपरेखा
संघ ने बताया कि 10 सितंबर से 12 सितंबर तक सभी जिलों में हड़ताल स्थलों पर जिला स्तरीय पंचायतें की जाएंगी और 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय महापंचायत आयोजित की जाएगी। सभी संगठनों से अपील की गई है कि वे इस पंचायत में शामिल होकर और सरकार को ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों का समर्थन करें।
संघ ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का विरोध नहीं, बल्कि सरकार द्वारा किए गए समझौते को लागू करवाना और वर्षों से सेवा कर रहे कर्मचारियों को न्याय दिलाना है।
