यूपी बोर्ड हाईस्कूल प्रैक्टिकल परीक्षा में बड़ा बदलाव, विज्ञान और गृह विज्ञान की होगी 30 अंकों की बोर्ड परीक्षा

मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने हाईस्कूल की प्रायोगिक परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था में बदलाव किया है। संशोधित व्यवस्था के तहत अब विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं, इन दोनों विषयों को छोड़कर अन्य विषयों में प्रायोगिक कार्य का आंतरिक मूल्यांकन पहले की तरह पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की ओर से इस संबंध में प्रदेश के सभी मंडलीय अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर संशोधित व्यवस्था की जानकारी दी गई है। यह निर्णय 29 जनवरी 2026 को जारी पत्र के आधार पर लिया गया है।

विज्ञान और गृह विज्ञान में अब 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा

नई व्यवस्था के तहत हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में अब केवल आंतरिक मूल्यांकन नहीं होगा। दोनों विषयों के विद्यार्थियों के लिए परिषद की ओर से 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की जाएगी।

इस परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों के प्रायोगिक ज्ञान और विषय की व्यावहारिक समझ का अलग से मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षा में प्राप्त अंकों को विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र सह अंकपत्र में भी दर्ज किया जाएगा।

क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अपर सचिव (क्षेत्रीय अधिकारी) ज्योति प्रसाद ने ईटीवी भारत को बताया कि अब विज्ञान और गृह विज्ञान में 30 अंकों की बोर्ड प्रैक्टिकल परीक्षा होगी। उन्होंने बताया कि अन्य विषयों में पांच प्वाइंट स्केल के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन के ग्रेड जारी किए जाएंगे।

अन्य विषयों में प्रोजेक्ट के आधार पर होगा मूल्यांकन

विज्ञान और गृह विज्ञान को छोड़कर हाईस्कूल के अन्य विषयों में प्रायोगिक कार्य का पांच अंकों का आंतरिक मूल्यांकन प्रोजेक्ट कार्य के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, इसका मूल्यांकन पूर्व की तरह पांच प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर ही किया जाएगा।

इसका मतलब है कि विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट कार्य के माध्यम से अपने विषय की व्यावहारिक समझ प्रदर्शित करनी होगी। इसके आधार पर उन्हें आंतरिक मूल्यांकन का ग्रेड दिया जाएगा।

अंकपत्र में दर्ज होंगे प्रैक्टिकल के अंक

परिषद की संशोधित व्यवस्था के अनुसार विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थियों को प्राप्त 30 अंकों को अंकपत्र में दर्ज किया जाएगा। वहीं अन्य विषयों में प्रायोगिक कार्य के आधार पर दिए गए ग्रेड भी प्रमाण पत्र सह अंकपत्र में प्रदर्शित किए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव भगवती सिंह की ओर से इस संबंध में विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें संबंधित अधिकारियों को नई मूल्यांकन व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मेरठ क्षेत्र में 17 जिले आते हैं

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रदेश में कुल 5 क्षेत्रीय कार्यालय हैं। मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 4 मंडल और 17 जिले आते हैं। नई व्यवस्था इन क्षेत्रों के हाईस्कूल विद्यार्थियों पर भी लागू होगी।

इस बदलाव का उद्देश्य हाईस्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के प्रायोगिक ज्ञान का अलग और बेहतर तरीके से मूल्यांकन करना है। विज्ञान और गृह विज्ञान में अब बोर्ड स्तर पर 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा होने से विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल प्रदर्शन का भी अंकपत्र में स्पष्ट रिकॉर्ड रहेगा।

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