राजकीय पॉलिटेक्निक बदायूँ में 5.47 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होगा अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

महेश चंद्र गुप्ता के सतत प्रयासों को मिली सफलता।रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रमों से युवाओं को मिलेगा रोजगार एवं स्वरोजगार का नया अवसर

Budaun: जनपद बदायूँ के युवाओं को आधुनिक, रोजगारपरक एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से राजकीय पॉलिटेक्निक, बदायूँ में लगभग 5.47 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 5.47 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसे 31 मई 2027 से पूर्व पूर्ण कर हैंडओवर किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य की कार्यदायी संस्था सी एंड डी एस, जल निगम, शाहजहाँपुर है।

सेंटर को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित करने के लिए अत्याधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें 3D प्रिंटर सहित कई आधुनिक मशीनें शामिल हैं, जिनमें से कुछ मशीनें राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में पहुंच भी चुकी हैं।

टाटा टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक औद्योगिक तकनीक, स्मार्ट ऑटोमेशन तथा नवीनतम तकनीकी कौशल से संबंधित प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य युवाओं और उद्योगों के बीच मौजूद कौशल अंतर को कम करना है। आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुसार छात्रों को तैयार करने के लिए स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग एवं नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सेंटर में स्थापित होने वाली अत्याधुनिक मशीनों, उपकरणों और स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से छात्रों को हैंड्स-ऑन एवं प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे नवीनतम तकनीकों को सीधे सीख सकेंगे। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और उन्हें उद्योगों में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य बदायूँ के युवाओं को अपने ही जनपद में विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होकर रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ स्वयं का रोजगार और स्टार्टअप भी स्थापित कर सकें।

उन्होंने कहा कि यह सेंटर युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उनमें नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप की भावना को भी विकसित करेगा। युवाओं को नए विचारों को व्यवसाय का रूप देने तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

विधायक ने कहा कि जिस प्रकार विश्व के विकसित औद्योगिक देशों में छोटे-छोटे स्तर पर भी उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया गया है, उसी प्रकार हमारा प्रयास है कि बदायूँ के युवा भी आधुनिक तकनीक सीखकर नए उत्पाद, स्टार्टअप और स्थानीय स्तर पर उत्पादन इकाइयां स्थापित करें। आने वाले समय में तकनीक से प्रशिक्षित युवा स्वयं उद्यमी बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे।

महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्किल इंडिया”, “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

राजकीय पॉलिटेक्निक बदायूँ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना निश्चित रूप से जनपद के तकनीकी विकास की एक नई पहचान बनेगी और बदायूँ को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक औद्योगिक तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजकीय पॉलिटेक्निक बदायूँ में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक टाटा टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जनपद के युवाओं को ग्लोबल इंडस्ट्री-रेडी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीकी युग में बेहतर करियर, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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