दुकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, पुलिस ने दोनों को दस्तावेज पेश करने का समय दिया
25-30 लोगों पर हमला करने का आरोप, दुकानदार ने लगाए धमकी और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप
अमृतसर। रामबाग थाना क्षेत्र में दुकान के स्वामित्व और कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब दोनों पक्षों के बीच मारपीट, धमकी और दुकान में तोड़फोड़ के आरोप सामने आए। मामले को लेकर रामबाग थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर उनके दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामबाग थाने के पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच दुकान को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकान से संबंधित मालिकाना हक, कब्जे और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही कानून के मुताबिक अगला कदम उठाया जाएगा।
वहीं, दुकान से जुड़े पक्ष की महिला रानी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उनका कहना था कि पहले से दुकान को लेकर विवाद चल रहा था और बार-बार पैसे की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान नगर निगम की जमीन पर है और दूसरे पक्ष द्वारा कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
दुकानदार माधव महाजन ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पिछले करीब 10 वर्षों से धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनसे कभी लाखों रुपये तो कभी अन्य रकम की मांग की जाती रही है। महाजन के अनुसार वह वर्ष 2012 से इस स्थान पर दुकान चला रहे हैं और नगर निगम के किरायेदार हैं। उनका कहना है कि दुकान की जमीन को लेकर नगर निगम का रिकॉर्ड और किरायेदारी संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं।
माधव महाजन ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान करीब 25 से 30 लोग वहां पहुंचे और उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने दुकान में तोड़फोड़ करने और सामान के साथ-साथ डीवीआर भी ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जानकारी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो सकती है और पुलिस को मौके पर पहुंचकर फुटेज की जांच करनी चाहिए।
दुकानदार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से इसी दुकान पर निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार धमकियों के कारण परिवार में डर का माहौल है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगाए और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
