नई दिल्ली: अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची से औपचारिक रूप से हटा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को सीरिया के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। इससे देश पर लागू कई आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों में राहत का रास्ता खुल सकता है और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सीरिया की वापसी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
HTS की अलग आतंकी सूचीबद्धता भी खत्म
अमेरिका ने सीरिया को सूची से हटाने के साथ ही अहमद अल-शरा से जुड़े हयात तहरीर अल-शाम (HTS) की अलग सूचीबद्धता भी खत्म कर दी है। HTS को अमेरिका की Specially Designated Global Terrorist (SDGT) सूची में रखा गया था।
मार्को रुबियो ने बताया ऐतिहासिक कदम
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस फैसले को सीरिया के लोगों के लिए बेहतर भविष्य और आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव से सीरिया के लिए निवेश और आर्थिक बहाली के नए रास्ते खुल सकते हैं।
सीरिया के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
सीरिया लंबे समय से आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। अमेरिका की आतंकवाद संबंधी सूची से बाहर होने और HTS की सूचीबद्धता खत्म होने से देश के लिए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों में दोबारा शामिल होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि, यह फैसला अपने आप में सीरिया की सभी आर्थिक समस्याओं को खत्म नहीं करता। देश को आर्थिक पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षित करने और वैश्विक संस्थाओं के साथ संबंध मजबूत करने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना होगा।
ट्रंप और अहमद अल-शरा के बीच बढ़ी नजदीकी
यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के बीच बढ़ते संपर्क की पृष्ठभूमि में आया है। इससे पहले ट्रंप ने सीरिया को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत दिए थे। जुलाई 2026 में ट्रंप और अहमद अल-शरा की मुलाकात भी हुई थी।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर सीरिया की अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर पड़ सकता है। अमेरिका की आतंकवाद संबंधी सूची से हटाए जाने और HTS की अलग सूचीबद्धता खत्म होने से आर्थिक गतिविधियों, निवेश और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के लिए कुछ रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि, प्रतिबंधों और अन्य अंतरराष्ट्रीय नीतियों में बदलाव का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
