- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान
Rampur: जौहर यूनिवर्सिटी में 19 अगस्त को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने ईडी की कार्रवाई के समय और यूनिवर्सिटी को लगातार जांच के दायरे में लिए जाने पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में ईडी की कार्रवाई पहली बार हुई है, लेकिन इससे पहले वर्ष 2023 में आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है। उनके मुताबिक, जांच के दौरान तमाम दस्तावेज और खातों से संबंधित जानकारी अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि ईडी की कार्रवाई के दौरान भी यूनिवर्सिटी की ओर से सभी हिसाब-किताब उपलब्ध कराया गया और एकाउंट से संबंधित हार्ड डिस्क भी टीम अपने साथ ले गई। उनका यह भी दावा है कि यूनिवर्सिटी परिसर से कोई नकदी बरामद नहीं हुई.
अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने कहा कि वर्ष 2019 से आजम खान के खिलाफ मुकदमों का सिलसिला शुरू होने के बाद से जौहर यूनिवर्सिटी में प्रशासन की ओर से कई बार जांच की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी यूनिवर्सिटी में एडमिशन का समय आता है, उसी दौरान जांच या रेड की कार्रवाई होती है.
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां जब चाहें जांच करें, इसका विरोध नहीं है, लेकिन शिक्षा संस्थान और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई के समय का भी ख्याल रखा जाना चाहिए.
माइनॉरिटी संस्थानों को निशाना बनाने का आरोप
सपा नेता ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का उदाहरण देते हुए माइनॉरिटी संस्थानों को लेकर चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं और बुद्धिजीवियों की भूमिका किसी भी समाज में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक कार्रवाई का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। रेड के बावजूद एडमिशन बढ़ने का दावा.
अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को लगातार निशाना बनाए जाने के बावजूद छात्रों और अभिभावकों का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस बार यूनिवर्सिटी में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक एडमिशन हुए हैं। उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को जिस दिन ईडी की कार्रवाई हुई, उस दिन भी यूनिवर्सिटी में छात्रों की संख्या सामान्य दिनों से अधिक थी.
उन्होंने मीडिया के माध्यम से केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि शिक्षा संस्थानों को इस तरह की कार्रवाई से प्रभावित न किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी जांच एजेंसियों को हिसाब-किताब उपलब्ध कराया गया है और आगे भी किसी तरह के सवाल का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी ने न पहले कुछ छिपाया था और न ही अब कुछ छिपाया जा रहा है.
