नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज से पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल की टीम में जगह को लेकर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने जुरेल को उनकी बल्लेबाजी में सुधार करने की जरूरत बताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत करनी है तो बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
जुरेल के सामने बड़ी चुनौती
ध्रुव जुरेल को भारतीय टीम में एक प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में देखा जाता है। हालांकि, हालिया प्रदर्शन और टीम में मौजूद विकल्पों के कारण उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भारत के पास विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत भी मौजूद हैं। इसके अलावा बल्लेबाजी क्रम में सरफराज खान जैसे विकल्प होने से जुरेल के लिए प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रखना आसान नहीं है।
बल्लेबाजी पर खास फोकस
रिपोर्ट के अनुसार, जुरेल को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने का संदेश दिया गया है। टीम मैनेजमेंट उनसे सिर्फ विकेटकीपिंग ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी लगातार योगदान की उम्मीद कर रहा है।
यही वजह है कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन उनकी स्थिति को बेहतर कर सकता है।
श्रीलंका दौरे से पहले चयन की जंग
भारत की श्रीलंका यात्रा के दौरान टेस्ट टीम में कुछ स्थानों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। खासकर मध्यक्रम में ध्रुव जुरेल और सरफराज खान के बीच मुकाबले की चर्चा है।
वहीं देवदत्त पडिक्कल ने भी अभ्यास मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी दावेदारी मजबूत की है। उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ नाबाद शतक लगाया था।
जुरेल का पहले भी रहा है शानदार प्रदर्शन
हालांकि, जुरेल के करियर को सिर्फ हालिया प्रदर्शन के आधार पर नहीं देखा जा सकता। वह India A के लिए भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। जून 2026 में श्रीलंका A के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट में उन्होंने 141 रन की पारी खेली थी। यह उनका फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में छठा शतक था।
वह भारत के लिए अब तक 10 टेस्ट मैचों में 478 रन बना चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला टेस्ट शतक भी लगा चुके हैं।
अब प्रदर्शन से देना होगा जवाब
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज ध्रुव जुरेल के लिए खुद को साबित करने का अहम मौका है। BCCI और टीम मैनेजमेंट की ओर से बल्लेबाजी को लेकर जताई गई अपेक्षाओं के बीच जुरेल की कोशिश होगी कि वह बल्ले से प्रभावी प्रदर्शन करें।
अगर वह इस मौके को भुनाते हैं तो टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं, जबकि खराब प्रदर्शन से चयन को लेकर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के हाथ में है।
