Census 2027: जनगणना में जाति से जुड़े सवाल भी होंगे शामिल, SC-ST के साथ सभी जातियों की होगी गिनती

नई दिल्ली:  भारत में होने वाली Census 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना में जाति की गणना भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। सरकार के अनुसार, आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जातियों से जुड़ा आंकड़ा जनगणना के दौरान दर्ज किया जाएगा।

दो चरणों में होगी Census 2027

Census 2027 को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में House-listing and Housing Census के तहत घरों और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरे चरण में Population Enumeration होगा, जिसमें लोगों की जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी।

सरकार के अनुसार जाति की गणना दूसरे चरण यानी Population Enumeration के दौरान की जाएगी।

SC और ST की जानकारी पहले भी ली जाती रही है

अब तक जनगणना में Scheduled Castes (SC) और Scheduled Tribes (ST) से संबंधित जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज की जाती रही है। लेकिन Census 2027 में जाति संबंधी गणना का दायरा सभी समुदायों तक बढ़ाया जाएगा।

सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को Cabinet Committee on Political Affairs के फैसले के बाद Census 2027 में caste enumeration को शामिल करने का निर्णय लिया था।

पहले चरण के सवालों में SC/ST का विकल्प

पहले चरण यानी House-listing and Housing Census के प्रश्नों में परिवार के मुखिया से संबंधित एक सवाल में यह पूछा जाता है कि वह SC, ST या Other श्रेणी से संबंधित है या नहीं।

हालांकि, सभी जातियों की विस्तृत गणना दूसरे चरण में होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण के प्रश्न बाद में अधिसूचित किए जाएंगे।

डिजिटल तरीके से होगी जनगणना

Census 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए डिजिटल टूल्स और Census Management & Monitoring System (CMMS) जैसे प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं।

सरकार के मुताबिक डिजिटल प्रक्रिया से जनगणना के काम की निगरानी, डेटा संग्रह और प्रक्रिया की गति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

1 मार्च 2027 होगी Census की Reference Date

Census 2027 के लिए सामान्य क्षेत्रों की Reference Date 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे तय की गई है। वहीं लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ बर्फीले क्षेत्रों के लिए अलग Reference Date रखी गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है जाति की गणना?

जाति आधारित आंकड़े देश की सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सरकार के अनुसार, ऐसे आंकड़े विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए नीतियां और विकास योजनाएं तैयार करने में उपयोगी हो सकते हैं।

Census 2027 में जाति संबंधी जानकारी को मुख्य जनगणना प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला इसी व्यापक डेटा संग्रह का हिस्सा है।

व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का प्रावधान

जनगणना में नागरिकों से ली जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता के लिए Census Act, 1948 में प्रावधान हैं। सरकार के अनुसार, Census Act की Section 15 के तहत व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा जाता है।

  • Census 2027: एक नजर में
  • जनगणना: Census 2027
  • कुल चरण: 2
  • जाति गणना: दूसरे चरण में
  • SC/ST जानकारी: जनगणना प्रक्रिया में शामिल
  • पहला चरण: House-listing and Housing Census
  • दूसरा चरण: Population Enumeration
  • सामान्य Reference Date: 1 मार्च 2027
  • विशेष क्षेत्र: कुछ हिमालयी/बर्फीले क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026
  • खास बदलाव: सभी समुदायों की जाति गणना
  • तकनीक: पहली डिजिटल जनगणना

 

 

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