गन्ना पर्यवेक्षकों को दिया गया गन्ना प्रजाति पहचान एवं उन्नत तकनीकी का प्रशिक्षण

  • रिपोर्ट: शाहबाज़ खान 

रामपुर, गन्ना पर्यवेक्षकों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने एवं गन्ने की विभिन्न प्रजातियों की सही पहचान करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सहकारी गन्ना विकास समिति में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गन्ना पर्यवेक्षकों को गन्ने की विभिन्न प्रजातियों की क्षेत्र में सही पहचान, प्रजातिवार विशिष्ट लक्षणों तथा सर्वेक्षण के दौरान प्रजाति का सही अंकन एवं अभिलेखीकरण करने के संबंध में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।

ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान गन्ने की विभिन्न प्रजातियों जैसे Co-0118, CoS-8272, CoS-13235, CoS-18231, CoS-19231, CoLK-16202, VSI-3102, CoLK-14201, CoS-17231, Co-15023, Co-5011, Co-5009, CoLK-94184 एवं Co-98014 की पहचान के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। संबंधित प्रजातियों की पहचान करते समय खेत में उपलब्ध पौधों के प्रमुख लक्षणों का अवलोकन करने तथा सही प्रजाति का अभिलेखीकरण करने पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में गन्ना पर्यवेक्षकों को उन्नत गन्ना उत्पादन तकनीकों के संबंध में भी आवश्यक तकनीकी जानकारी दी गई। स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण बीज गन्ने के चयन, वैज्ञानिक विधियों को अपनाने, फसल की उचित देखभाल तथा किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा की गई।

जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि गन्ने की प्रजाति की सही पहचान गन्ना सर्वेक्षण एवं विभागीय अभिलेखों की शुद्धता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गन्ना पर्यवेक्षक यदि खेत में प्रजाति की सही पहचान कर उसका सही अभिलेखीकरण करें तथा किसानों को उन्नत तकनीकों के प्रति जागरूक करें, तो इससे गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में सकारात्मक वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

उन्होंने गन्ना पर्यवेक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान का क्षेत्र में प्रभावी उपयोग करने तथा किसानों को उन्नत प्रजातियों, स्वस्थ बीज एवं वैज्ञानिक गन्ना उत्पादन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

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