Surya Grahan 2026: आज रात लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें समय, भारत में दिखेगा या नहीं और सूतक काल

नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी। इसका मध्य रात 11 बजकर 16 मिनट के आसपास रहेगा, जबकि ग्रहण देर रात करीब 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट बताई गई है।

कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा ग्रहण

ज्योतिषीय दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने वाला है। सूर्य ग्रहण को ज्योतिष में महत्वपूर्ण घटना माना जाता है और इसका संबंध सूर्य से जोड़ा जाता है। सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है।

ग्रहण के दौरान रात करीब 10 बजकर 29 मिनट पर एक खास चरण देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा सूर्य के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। हालांकि, यह नजारा भारत से दिखाई नहीं देगा।

क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

इस सूर्य ग्रहण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में यह दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारतीय लोग इसे आसमान में प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे।

पूर्ण सूर्य ग्रहण का दृश्य कुछ अन्य क्षेत्रों से देखा जा सकेगा। पूर्णता का क्षेत्र ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों तक रहेगा, जबकि आंशिक ग्रहण यूरोप, कनाडा, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई क्षेत्रों से दिखाई दे सकता है।

भारत में सूतक काल लगेगा या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से करीब 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है। लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

इसका मतलब है कि भारत में मंदिरों के कपाट बंद करने, पूजा-पाठ रोकने या खान-पान से जुड़े विशेष ग्रहण नियमों को लागू नहीं माना जाएगा। गर्भवती महिलाओं के लिए भी इस ग्रहण के कारण किसी विशेष धार्मिक सावधानी की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

ग्रहण के दौरान क्या करना बताया गया है?

ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी के मुताबिक सूर्य ग्रहण को राजनीति, प्रशासन, नेतृत्व, सरकारी क्षेत्र और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है या सूर्य की दशा चल रही है, उन्हें सूर्य की उपासना करने की सलाह दी गई है।

ग्रहण के दौरान मन को शांत रखने के लिए ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है। ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’, ‘ॐ सूर्याय नमः’, सूर्य स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करने की धार्मिक मान्यता है। इसके अलावा व्यक्ति अपने इष्ट देव या गुरु मंत्र का ध्यान भी कर सकता है।

क्या ग्रहण के दौरान खाना-पीना बंद करना जरूरी है?

ग्रहण के दौरान खाना-पीना बंद करने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग अपनी जरूरत के अनुसार भोजन और पानी लेते रहें। स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।

आंखों की सुरक्षा का रखें ध्यान

सूर्य ग्रहण को सीधे नंगी आंखों से देखने से आंखों को नुकसान हो सकता है। इसलिए जहां ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां इसे देखने के लिए उचित सौर-दर्शन सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल करना जरूरी है। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां से इसे प्रत्यक्ष देखने की स्थिति नहीं बनेगी।

 

 

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