राम मंदिर CEO चयन: इंटरव्यू में उम्मीदवारों से पूछे गए आस्था, शाकाहार और शराब से जुड़े सवाल, विजन भी परखा गया

अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। देशभर से आए 5,300 से अधिक आवेदनों में से 18 योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। 11 अगस्त से शुरू हुई साक्षात्कार प्रक्रिया में उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ उनकी धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत जीवनशैली और राम मंदिर के भविष्य को लेकर उनकी सोच से जुड़े सवाल भी पूछे गए।

पहले दिन 10 उम्मीदवारों का हुआ इंटरव्यू

राम मंदिर के CEO पद के लिए इंटरव्यू अयोध्या राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीन हाउस में आयोजित किया गया। पहले दिन 18 में से 10 उम्मीदवारों का आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया, जबकि बाकी 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू अगले दिन होना था।

इंटरव्यू दो सत्रों में आयोजित हुआ। पहला सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला, जबकि दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहा। प्रत्येक उम्मीदवार से लगभग 25 से 30 मिनट तक बातचीत की गई।

वरिष्ठ प्रशासनिक और सैन्य पृष्ठभूमि के उम्मीदवार शामिल

पहले दिन इंटरव्यू देने वालों में तीन पूर्व IAS अधिकारी, एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी और सैन्य तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनुभवी अधिकारी शामिल थे।

पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश STF के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं और उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में भी जाना जाता है। माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। वर्तमान में वह लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर के सचिव हैं।

पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा का नाम भी CEO पद की दौड़ में चर्चा में है। वह फैजाबाद के जिलाधिकारी रह चुके हैं।

इंटरव्यू से पहले भरवाया गया ऑनलाइन फॉर्म

साक्षात्कार से पहले सभी उम्मीदवारों से करीब तीन दर्जन सवालों वाला एक ऑनलाइन Google Form भरवाया गया था। इसके बाद चयन समिति ने उम्मीदवारों के CV, प्रशासनिक अनुभव और व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर विस्तार से सवाल किए।

उम्मीदवारों से यह जानने की कोशिश की गई कि उन्होंने प्रशासनिक पदों पर किस तरह काम किया है, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संचालन का उनका अनुभव कितना है और वे राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए क्या योजना रखते हैं।

आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली पर भी सवाल

इंटरव्यू का एक अहम हिस्सा उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़ा रहा। उम्मीदवारों से पूछा गया कि भगवान श्रीराम और राम मंदिर के प्रति उनकी आस्था कितनी गहरी है।

इसके अलावा उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वे शिखा रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, वे शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन करते हैं, और क्या वे शराब का सेवन करते हैं।

उम्मीदवारों से यह भी जानने की कोशिश की गई कि वे हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पोशाक पहनने में कितने सहज हैं। इन सवालों का उद्देश्य पद की धार्मिक और सांस्कृतिक प्रकृति के अनुरूप उम्मीदवारों की सोच और दृष्टिकोण को समझना था।

राम मंदिर के भविष्य को लेकर विजन पर जोर

चयन समिति ने केवल व्यक्तिगत आस्था ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों के विजन को भी महत्वपूर्ण माना। उनसे पूछा गया कि वे राम मंदिर के प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक आयोजनों और भीड़ प्रबंधन को भविष्य में किस तरह बेहतर बनाना चाहते हैं।

बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को लेकर उनके अनुभव और योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

चयन समिति के सदस्य भी रहे मौजूद

इंटरव्यू के दौरान चयन समिति के तीनों सदस्य, उम्मीदवार और राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन मौजूद रहे।

CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं।

तीन नामों का पैनल तैयार होगा

इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन उम्मीदवारों के नामों का पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट की कार्यकारी समिति अंतिम तीन नामों में से एक उम्मीदवार का चयन करेगी।

चयनित CEO राम मंदिर ट्रस्ट का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होगा। उसके जिम्मे मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय, कानूनी, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले होंगे।

चंदा चोरी मामले के बाद CEO नियुक्त करने का फैसला

राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने एक पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का निर्णय लिया था। इसके बाद देशभर से आवेदन मंगाए गए और हजारों आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए चुना गया। अब इस चयन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की जाएगी।

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