फतेहगढ़ चूड़ियां-संगतपुरा रोड पर दर्दनाक सड़क हादसा, एक ही गांव के तीन युवकों की मौत
तेज रफ्तार इंडिका कार ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, दो की मौके पर मौत, तीसरे ने अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
-हादसे के बाद कार सवार मौके से फरार, मृतकों के मोबाइल फोन भी उठा ले जाने के आरोप
-थाना झंडेर और मजीठा की सीमा को लेकर पुलिस में उलझन, कार्रवाई में देरी पर भड़के ग्रामीण
-हरदोरवाल कलां के तीन घरों के चिराग बुझे, पूरे इलाके में शोक की लहर
Amritsar: फतेहगढ़ चूड़ियां से अमृतसर जाते समय कोटला गुजरा और संगतपुरा के बीच हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार इंडिका कार द्वारा मोटरसाइकिल को मारी गई जोरदार टक्कर में एक ही गांव हरदोरवाल कलां के तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रदीप सिंह, जगतार सिंह और संदीप मसीह के रूप में बताई गई है। तीनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांववासियों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, तीनों युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर अमृतसर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार इंडिका कार, जिसका नंबर PB-18-T-2535 बताया जा रहा है, ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल संदीप मसीह को पहले फतेहगढ़ चूड़ियां के ढींडसा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे अमृतसर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद कार में सवार दो व्यक्ति, एक महिला और एक बच्चा मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, कार में कुछ संदिग्ध सामान भी मिला, जिसमें सिल्वर पेपर, जला हुआ नोट और एक कृपाण शामिल होने की बात कही गई है। हालांकि इस सामान की वास्तविक स्थिति क्या है और इसका हादसे से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद कार सवारों ने मृतक युवकों के मोबाइल फोन भी उठा लिए और वहां से फरार हो गए। लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद कार सवारों ने घायलों की मदद करने के बजाय मौके से भागने को प्राथमिकता दी। इन आरोपों की भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
पुलिस सीमा को लेकर काफी देर तक रही उलझन
हादसे के बाद थाना झंडेर और थाना मजीठा की सीमा को लेकर भी काफी समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों में भारी रोष पैदा हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुलिस और आपातकालीन सेवा को सूचना दे दी थी, लेकिन काफी समय तक मौके पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस की ओर से भी कहा गया कि हादसा उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस कारण मृतकों के शव काफी समय तक सड़क पर पड़े रहे।
ग्रामीणों ने पुलिस की इस देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि हादसे के बाद सबसे पहली प्राथमिकता घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना और मृतकों के शवों को सम्मानपूर्वक अस्पताल पहुंचाना होनी चाहिए। सीमा को लेकर हुई कथित देरी ने ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ा दिया।
थाना झंडेर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
बाद में थाना झंडेर के एसएचओ नरेश कुमार पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके बयानों के आधार पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही हादसे के बाद फरार हुए कार सवारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
इस दर्दनाक हादसे ने हरदोरवाल कलां सहित आसपास के गांवों को गम में डुबो दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, तीनों युवक अपने-अपने कारोबार से जुड़े हुए थे और अपने परिवारों की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। एक ही गांव के तीन युवकों की एक साथ मौत होने से तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवारों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कार सवारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही हादसे के बाद मौके से फरार होने और मृतकों के मोबाइल फोन ले जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
