सहरसा में DPO अजीत अमर के चार ठिकानों पर EOU की रेड, 40 लाख के जेवर और 6 बीघा से ज्यादा जमीन के दस्तावेज मिले
सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर से जुड़े चार ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों को जमीन, मकान, आभूषण, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज मिले। EOU के मुताबिक, अजीत अमर के पास उनकी ज्ञात आय से 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
चार ठिकानों पर हुई एक साथ कार्रवाई
EOU ने शुक्रवार को अजीत अमर के सीवान स्थित पैतृक आवास और निजी मकान, सहरसा नया बाजार स्थित किराये के आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की। टीम ने इन सभी स्थानों पर दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।
वेतन से करीब 38 लाख रुपये की आय
रिपोर्ट के अनुसार, अजीत अमर 4 फरवरी 2022 को सेवा में आए थे और बाद में सहरसा में योगदान किया। करीब साढ़े चार साल के कार्यकाल में उन्हें वेतन मद में लगभग 38 लाख रुपये मिले। EOU की जांच में उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति सामने आने की बात कही गई है।
सीवान में 40 लाख से अधिक की लागत से आलीशान मकान
EOU की कार्रवाई में सामने आया कि सीवान जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी में अजीत अमर ने पैतृक जमीन पर 40 लाख रुपये से अधिक खर्च कर मकान बनवाया है। इस मकान की तलाशी के दौरान निर्माण से संबंधित 30 बिल भी मिले।
40.05 लाख रुपये के आभूषण बरामद
अजीत अमर के पैतृक गांव स्थित निजी आवास से 40.05 लाख रुपये के आभूषण मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा अजीत अमर और उनकी पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर कुल चार बैंक खाते पाए गए। जांच टीम को निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
पत्नी पूजा कुमारी के नाम 6 बीघा से अधिक जमीन
EOU को छपरा स्थित सरकारी आवास से अजीत अमर की पत्नी पूजा कुमारी के नाम खरीदी गई जमीन के दस्तावेज मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 मई 2025 को सारण जिले के परसागढ़ में 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर जमीन खरीदी गई थी।
स्कॉर्पियो और बाइक के दस्तावेज भी मिले
जांच के दौरान 24 अप्रैल 2023 को खरीदी गई महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक का रिकॉर्ड भी मिला। इसकी खरीद कीमत 15,34,998 रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक बाइक और करीब 27 लाख रुपये के आभूषण खरीदने की रसीद भी मिलने की जानकारी सामने आई है।
छपरा में प्रतिनियुक्ति के दौरान लगा था आरोप
जानकारी के अनुसार, अजीत अमर सहरसा में योगदान से पहले DPO Planning and Account, छपरा में प्रतिनियुक्ति पर थे। इसी दौरान उन पर अवैध तरीके से धन अर्जित करने का आरोप लगा था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराई गई। इसी कार्रवाई के क्रम में EOU ने उनके अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।
दस्तावेजों की जांच जारी
EOU की छापेमारी में मिले जमीन, मकान, बैंक खातों, निवेश, वाहन और आभूषण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इन रिकॉर्ड के आधार पर अजीत अमर की संपत्ति और आय के बीच अंतर का विस्तृत सत्यापन किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
