पटना में बनेगा नया वर्ल्ड-क्लास म्यूजियम, युवाओं को समर्पित होगा संग्रहालय; सीएम सम्राट चौधरी ने किया ऐलान

पटना: बिहार की राजधानी पटना को जल्द ही एक और आधुनिक संग्रहालय मिलने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार म्यूजियम के 11वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान नए संग्रहालय की घोषणा की। सरकार की ओर से इसके लिए एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। यह बिहार का तीसरा म्यूजियम होगा और इसे खास तौर पर युवाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

युवाओं को समर्पित होगा नया म्यूजियम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नया संग्रहालय युवाओं को समर्पित होगा। इसे आज की जरूरतों के साथ-साथ अगले 30 वर्षों की आवश्यकताओं और सोच को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नई पीढ़ी को कला, संस्कृति और बिहार की विरासत से जोड़ना है।

लोक कलाओं को नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। नए संग्रहालय के जरिए युवाओं को कला और संस्कृति से जोड़ने के साथ कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच की सीएम ने की तारीफ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बिहार में विश्वस्तरीय बिहार म्यूजियम बनकर तैयार हुआ। उनके मुताबिक, परियोजना को आगे बढ़ाने के समय कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन इसे जमीन पर उतारा गया।

सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार म्यूजियम का दौरा किया था और इसे वर्ल्ड-क्लास म्यूजियम बताया था। प्रधानमंत्री ने यहां करीब डेढ़ घंटे का समय बिताया था।

कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने भी रखी बात

कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने भारतीय कला, साहित्य और जीवन शैली को अद्वितीय बताया। उन्होंने हिम्मत शाह की टेराकोटा कला और बिहार के कलाकार राजेश राम के ग्रामीण जीवन को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करने वाले योगदान की सराहना की।

2027 में होगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का लोक कला उत्सव

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि 2027 में बिहार म्यूजियम के स्थापना दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लोक कला उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की लोक कलाओं को बिहार में प्रदर्शित करने की योजना है।

नालंदा के इतिहास को वैश्विक मंच पर दिखाने की तैयारी

बिहार की ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास पर आधारित एक विशेष कॉरिडोर भी तैयार कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य नालंदा की ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करना है।

नए म्यूजियम से कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच

बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कार्यक्रम में नए संग्रहालय की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तीसरा म्यूजियम युवाओं पर केंद्रित होगा और कला के क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में बिहार म्यूजियम की स्मारिका दुकान में सीमित कलाकृतियां उपलब्ध होने के बावजूद सालाना करीब दो करोड़ रुपये की बिक्री हो रही है। नए म्यूजियम के व्यावसायिक विस्तार से राज्य के कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने और आजीविका कमाने के लिए बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।

बिहार की कला और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

नए म्यूजियम की योजना को बिहार की कला, संस्कृति और विरासत को आधुनिक तरीके से नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार होने वाला यह संग्रहालय राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नए तरीके से प्रस्तुत करने के साथ कलाकारों के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकता है।

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