पंजाब पुलिस की वर्दी पहनकर लाइसेंसी पिस्टल ठगने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार

फर्जी पुलिसकर्मी बनकर गन हाउस से पिस्टल ले उड़ा आरोपी, अमृतसर पुलिस ने दबोचा

  • नकली पुलिस आईडी, वर्दी और फर्जी नंबर प्लेट के सहारे ठगी करने वाला शातिर पुलिस गिरफ्त में
  • कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी कामयाबी, पूछताछ में कई और वारदातों के खुलासे की उम्मीद

Amritsar: अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नकली पुलिसकर्मी बनकर लाइसेंसी पिस्टल ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाइंस पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखा सिंह (उम्र लगभग 26 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाइसेंसी पिस्टल, एक स्विफ्ट कार, फर्जी नंबर प्लेट PB08-CS-3215, पंजाब पुलिस की वर्दी, पुलिस विभाग का फर्जी पहचान पत्र, एक एसी, इन्वर्टर तथा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामान से यह भी संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना निशाना बना रहा था।

पुलिस के अनुसार कोर्ट रोड स्थित जे.आर. भाटिया गन हाउस के मालिक करण भाटिया ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 18 जुलाई 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को थाना सिविल लाइंस का एसएचओ बताकर फोन किया और कहा कि वह पिस्टल देखने के लिए अपना कर्मचारी भेज रहा है। कुछ देर बाद पंजाब पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति सफेद रंग की स्विफ्ट कार में गन हाउस पहुंचा। उसने खुद को एसएचओ द्वारा भेजा गया कर्मचारी बताते हुए लाइसेंसी पिस्टल अपने कब्जे में ले ली और वहां से फरार हो गया।

बाद में जब गन हाउस संचालक ने संबंधित थाना सिविल लाइंस से संपर्क किया तो पता चला कि न तो एसएचओ की ओर से कोई फोन किया गया था और न ही किसी पुलिसकर्मी को भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर 3 अगस्त को रामतीर्थ रोड क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने थाना मजीठा रोड क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके संबंध में अलग से मामला दर्ज है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फर्जी पुलिस पहचान पत्र, पंजाब पुलिस की वर्दी और नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था और फिर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देता था। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उसके अन्य साथियों, ठगी के नेटवर्क और इस तरह की अन्य वारदातों का भी खुलासा किया जा सके।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी या कर्मचारी बनकर किसी प्रकार की कार्रवाई करता है तो उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे शातिर ठगों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.