बाराबंकी: जिलाधिकारी ने विकास परियोजनाओं और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा की, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
- रिपोर्ट: कपिल सिंह
बाराबंकी: लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ ₹50 लाख से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता, विभागवार प्रगति, लक्ष्य पूर्ति तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समयसीमा में पूर्ण कराए जाएं। संबंधित विभागीय अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी रखें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन निर्माण परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित नहीं है, उनमें अतिरिक्त संसाधन एवं श्रमिक लगाकर कार्यों में तेजी लाई जाए तथा आने वाली सभी बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनहित की परियोजनाओं का लाभ आमजन को समय से मिल सके।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सी, डी एवं ई श्रेणी में शामिल विभागों के अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर कमियों का तत्काल निराकरण करें तथा अगले मूल्यांकन तक अपने विभाग की रैंक में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही एवं उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और खराब प्रदर्शन पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में फैमिली आईडी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए शासन से प्राप्त लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति की जाए। उन्होंने प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त सड़क निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन, मध्यान्ह भोजन, छात्र उपस्थिति, पर्यटन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण योजना, ग्रामीण अभियंत्रण, सेतु निर्माण, किसान सम्मान निधि, मनरेगा, दुग्ध विकास, दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, युवा स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने, डाटा फीडिंग की शुद्धता बनाए रखने तथा समयबद्ध अपडेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
