ऐलनाबाद, 13 जुलाई(एम पी भार्गव): सनातन धर्मशाला, ऐलनाबाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास महंत श्री भरतमुनि उदासीन जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के प्रथम स्कंध का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक वर्णन किया।
अपने प्रवचन में गुरुदेव महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर से जोड़ने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। उन्होंने परम वैरागी श्री शुकदेव मुनि के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि शुकदेव जी जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी थे और संसार के मोह-माया से सर्वथा विरक्त थे। उनके श्रीमुख से निकली श्रीमद्भागवत कथा को सुनकर राजा परीक्षित ने केवल सात दिनों में ही परम मुक्ति प्राप्त की।

गुरुदेव महाराज ने अमर कथा का भी मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की कथा और नाम का श्रवण मनुष्य को आध्यात्मिक अमरत्व की ओर ले जाता है। जो श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ श्रीमद्भागवत का श्रवण करता है, उसका जीवन पवित्र और सफल हो जाता है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया तथा भजनों पर भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने गुरुदेव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा कथा के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया।
