- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
रामपुर की मिलक तहसील क्षेत्र के राजस्व ग्राम रौरा कलां में आरक्षित श्रेणी की सरकारी भूमि पर रातों-रात मिट्टी पटान किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि खाद के गड्ढों, बंजर, कब्रिस्तान एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी डालकर भूमि की मूल स्थिति बदली जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से मिट्टी पटान का कार्य किया गया, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर रात के समय इतने बड़े पैमाने पर मिट्टी क्यों डाली गई? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी? यदि थी, तो कार्य की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? इन सवालों को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि जिन भूखंडों पर मिट्टी डाली जा रही है, वे राजस्व अभिलेखों में आरक्षित एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में बिना सक्षम अनुमति के भूमि की प्रकृति में परिवर्तन हुआ है या नहीं, यह जांच का विषय है।
मामले पर उप जिलाधिकारी मिलक अनुराग सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, संबंधित हल्का लेखपाल जितेंद्र ने बताया कि उक्त भूमि पर नगर पालिका द्वारा मिट्टी डलवाकर पटान का कार्य कराया जा रहा है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि संबंधित भूमि सरकारी है और नगर पालिका द्वारा सरकार की एक योजना के अंतर्गत उसका समतलीकरण (मिट्टी पटान) कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि की पूर्व में चारदीवारी कराई जा चुकी है तथा स्ट्रीट लाइट भी लगवाई गई हैं। जल्द ही सरकार की योजना के तहत वहां विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
अब पूरे मामले पर प्रशासनिक जांच की निगाहें टिकी हैं। जांच से यह स्पष्ट होगा कि मिट्टी पटान की कार्रवाई सभी आवश्यक स्वीकृतियों एवं नियमों के अनुरूप की गई है या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
