- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित गड़बड़ी और हेराफेरी के मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। बजरंग दल के संस्थापक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, एडमिनिस्ट्रेटर गोपाल राव और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को जेल जाना पड़ सकता है। कटियार के इस बयान के बाद मामले में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वहीं, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी जांच की रफ्तार बढ़ा दी है।
‘पैसे का गबन हुआ है’, बोले विनय कटियार
विनय कटियार ने कहा कि राम मंदिर को मिले चढ़ावे में कथित रूप से धन का गबन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा हुई थी। कटियार के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया था कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ट्रस्ट से जुड़े रहे कुछ पूर्व पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राम मंदिर आंदोलन की कुर्बानियों का किया जिक्र
अपने बयान में कटियार ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और बलिदानों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने कुर्बानियां दीं और कई लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को याद करते हुए उनके प्रशासनिक नेतृत्व की सराहना की और कहा कि मंदिर आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
SIT ने जांच के लिए बढ़ाई समयसीमा
राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अपनी समयसीमा 15 दिन और बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके।
SOG की पूछताछ जारी
मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) भी सक्रिय है। जांच के तहत आरोपी अविनाश शुक्ला से अयोध्या स्थित एसओजी कार्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस विभिन्न दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
नोट: इस मामले की जांच अभी जारी है। अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी।
