यूपी में पंचायत सचिवों की बड़ी भर्ती का रास्ता साफ, 13,116 नए पदों को मंजूरी
हर ग्राम पंचायत में होगा अलग सचिव, तीन वर्षों में पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया; पहले चरण में 4,372 पदों पर होगी नियुक्ति
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। पंचायती राज विभाग की 5 जून 2026 को आयोजित बैठक में राज्य में 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश की करीब 58,000 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक पंचायत के लिए एक स्वतंत्र पंचायत सचिव की नियुक्ति करना है। वर्तमान में सचिवों की कमी के कारण कई कर्मचारियों को एक साथ कई पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि भर्ती प्रक्रिया तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पहले चरण में 4,372 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी गई है, जिन पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा, ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को मिलाकर एक ‘यूनिफाइड कैडर’ बनाने के प्रस्ताव को भी शासन ने खारिज कर दिया है। दोनों संवर्ग पहले की तरह अलग-अलग ही कार्य करते रहेंगे।
गौरतलब है कि वर्तमान में पंचायती राज विभाग में करीब 16,000 पंचायत सचिव कार्यरत हैं, जबकि लगभग 42,000 ग्राम पंचायतों में नियमित सचिव उपलब्ध नहीं हैं। नई भर्ती पूरी होने के बाद अतिरिक्त प्रभार की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और ग्राम पंचायतों में विकास एवं प्रशासनिक कार्यों को गति मिलेगी।
