ड्रोन हमलों के खतरे पर सरकार अलर्ट, सीमाओं और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा होगी और मजबूत

  • रिपोर्ट: सुरजीत सिंह

नई दिल्ली। देश की सीमाओं और रणनीतिक महत्व के प्रतिष्ठानों पर संभावित ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा प्रकोष्ठ ने विशेष चेतावनी जारी कर सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील परिसंपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है।

ड्रोन खतरों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम पर जोर
मंत्रालय ने अपने निर्देशों में कहा है कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों में ड्रोन आधारित खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे हमले महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। इसे देखते हुए सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील ठिकानों पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, चेतावनी जारी होने के बाद विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियों की निगरानी और बढ़ा दी गई है।

BSF की अगुवाई में बनी विशेष समिति
ड्रोन खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य देश के लिए सबसे प्रभावी एंटी-ड्रोन तकनीकों का परीक्षण और मूल्यांकन करना है।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में इन प्रणालियों की तैनाती के लिए परीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

CISF, DRDO और IB की संयुक्त टीम करेगी सुरक्षा आकलन
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी एक संयुक्त विशेषज्ञ टीम का गठन किया है, जिसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और BSF के अधिकारी शामिल हैं।

यह टीम देश के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का दौरा कर उनकी सुरक्षा जरूरतों का आकलन कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने और गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित स्थानों पर उपयुक्त एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

तूतीकोरिन का वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट बना देश का पहला सुरक्षित बंदरगाह
तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट देश का पहला ऐसा बंदरगाह बन गया है, जहां उन्नत एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस परियोजना में रेडियो फ्रीक्वेंसी और रडार आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

यह प्रणाली संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने के साथ उन्हें निष्क्रिय या जाम करने में भी सक्षम है। अधिकारियों के मुताबिक, यह 360 डिग्री निगरानी क्षमता से लैस है और बंदरगाह की विशेष सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

सरकार का मानना है कि इस तरह की पहलें देश की हवाई और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेंगी तथा ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ और ‘अमृत काल विजन 2047’ के लक्ष्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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