- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद Kirti Azad ने ‘इंडिया’ गठबंधन की मजबूती, पश्चिम बंगाल की राजनीति और अभिषेक बनर्जी के घर पर हुई कथित सीआईडी छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कीर्ति आजाद ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के वोट प्रतिशत में बहुत बड़ा अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगभग 2.90 करोड़ वोट मिले, जबकि टीएमसी को 2.60 करोड़ वोट प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी।
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसमें बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर टीएमसी जीत हासिल करेगी और देश में ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूत होकर उभरेगा।
अभिषेक बनर्जी के घर पर हुई कथित छापेमारी को लेकर कीर्ति आजाद ने कहा कि भाजपा विपक्षी नेताओं को कमजोर करने और उन्हें तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों की बजाय राजनीतिक कार्रवाई पर अधिक केंद्रित है।
उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख करते हुए सरकार की आलोचना की।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सुवेंदु अधिकारी से जुड़े पुराने मामलों का क्या हुआ।
आरजी कर मामले की जांच दोबारा शुरू किए जाने के सवाल पर कीर्ति आजाद ने कहा कि मामले की पुनः जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कभी भी निष्पक्ष जांच के खिलाफ नहीं रही है।
