- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया रिकॉर्ड बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं। इसी क्रम में Tshering Tobgay ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक भावनात्मक पत्र लिखकर बधाई दी है। अपने पत्र में उन्होंने मोदी को अपना मित्र, बड़ा भाई और मार्गदर्शक बताया।
त्शेरिंग तोबगे ने लिखा कि 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा है। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में जनता द्वारा अपने नेता पर जताए गए भरोसे का भी प्रतीक है।
भूटान के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि उन व्यक्तिगत और द्विपक्षीय संबंधों को याद करने का अवसर भी है जो वर्षों के दौरान और मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह मोदी को एक करीबी मित्र, बड़े भाई और ऐसे मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं, जिनकी जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें हमेशा प्रेरित करती है।
तोबगे ने अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि वह पहली बार 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में उनसे मिले थे। उन्होंने कहा कि पहली ही मुलाकात में मोदी की आत्मीयता और सादगी ने उन्हें प्रभावित किया था और समय के साथ यह औपचारिक परिचय गहरी मित्रता में बदल गया।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना था। उनके अनुसार यह फैसला दोनों देशों के विशेष संबंधों और भूटान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश था।
भूटानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों के दौरान दोनों नेताओं के बीच विकास, सुशासन, क्षेत्रीय चुनौतियों और सामाजिक मुद्दों पर नियमित चर्चा होती रही है। इन संवादों के माध्यम से उन्होंने मोदी की दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता, विनम्रता और लोगों से जुड़ने की विशेष कला को करीब से देखा है।
अपने पत्र में तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी के मानवीय पक्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मोदी हमेशा उनके परिवार और बच्चों का हालचाल पूछते हैं तथा स्वास्थ्य, योग और संतुलित जीवनशैली से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को बड़ा भाई कहने की वजह बताते हुए तोबगे ने कहा कि दक्षिण एशियाई संस्कृति में बड़ा भाई केवल उम्र में बड़ा व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह होता है जो मार्गदर्शन दे, कठिन समय में साथ खड़ा रहे और सफलता की खुशी भी साझा करे। उनके अनुसार नरेंद्र मोदी में उन्हें हमेशा ऐसे ही बड़े भाई का स्वरूप दिखाई दिया है।
उन्होंने भारत-भूटान संबंधों को विश्वास, सम्मान और सहयोग पर आधारित बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों की मित्रता और मजबूत हुई है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी शांति, समृद्धि और साझा विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।
