पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, अमृतसर में भी फूटा आक्रोश
राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
-डॉ. राजकुमार वेरका बोले – मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को खतरे में डाला
-नीट पेपर लीक मामले के दोषियों को कड़ी सजा देने की उठी मांग
- रिपोर्ट: ललित शर्मा
देशभर में कांग्रेस पार्टी द्वारा पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। इसी कड़ी में अमृतसर में भी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में लॉरेंस रोड पर केंद्र सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. राजकुमार वेरका और अमृतसर शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष मिट्ठू मदान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के आरोप लगाए।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले नरेंद्र मोदी सरकार की विफलता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह असफल रही है, जिसके चलते आज पूरे देश में छात्रों और युवाओं में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
इस दौरान पंजाब महिला कांग्रेस की वाइस प्रेसिडेंट विधिया गिल ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनके सपने टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी दोहराया।
