वाराणसी में चर्चित जानलेवा हमले के मामले में आरोपी बीएचयू छात्र नेता विकास यादव को अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपी को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार, लंका थाना क्षेत्र के साकेत नगर, संकट मोचन निवासी चन्द्रशेखर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि 22 मई 2026 की शाम करीब 8:45 बजे नरिया क्षेत्र में अंकित पाल, बिट्टू बाबू, विकास यादव तथा उनके साथ मौजूद 10-12 अज्ञात लोगों ने उसके बड़े भाई चंद्रमा सिंह पर जान से मारने की नीयत से बैट से हमला किया। आरोप है कि हमले में चंद्रमा सिंह के सिर पर गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि हमलावर जाते समय जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी बीएचयू छात्र नेता विकास यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपी की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्धारित शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डी.एन. यादव, नरेश यादव एवं धनंजय कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।संक्षिप्त और प्रभावी हेडिंग: “बीएचयू छात्र नेता विकास यादव को जमानत, जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट से मिली राहत”
