खालसा कॉलेज अमृतसर में बिहारी और कश्मीरी छात्रों के बीच झड़प, कैंपस में तनाव का माहौल
देर रात हॉस्टल में हुई कहासुनी ने लिया हिंसक रूपबिहार के छात्रों ने वार्डन और कुछ शिक्षकों पर लगाए गंभीर आरोपकश्मीरी और बिहारी छात्रों के बीच पुराने विवाद की बात भी आई सामनेपुलिस और कॉलेज प्रशासन द्वारा जांच जारी, सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई
अमृतसर के रंजीत एवेन्यू स्थित खालसा इंजीनियरिंग कॉलेज में देर रात छात्रों के बीच हुए झगड़े ने कॉलेज कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। जानकारी के अनुसार बिहार और कश्मीर से संबंधित छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। इस घटना में कुछ छात्रों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और कॉलेज प्रशासन दोनों ही जांच में जुटे हुए हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार के एक छात्र ने बताया कि वह खालसा कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पहले एक छात्र के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। बिहार के छात्रों ने कहा कि कुछ कश्मीरी छात्रों ने पत्थरों और अन्य चीजों से बिहार के छात्रों पर हमला किया। छात्र का दावा है कि इस दौरान कुछ शिक्षक और वार्डन भी मौजूद थे, जिन पर छात्रों ने नशे की हालत में होने के आरोप लगाए हैं।
छात्रों का कहना है कि कुछ बच्चों को कमरों में बुलाकर थप्पड़ मारे गए और उनके साथ बदसलूकी की गई। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी गई, लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। बिहार के छात्रों ने मांग की है कि जिन वार्डन और छात्रों का इस घटना में नाम सामने आया है, उन्हें तुरंत सस्पेंड कर कॉलेज से बाहर निकाला जाए।
छात्रों ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और हर बार छात्रों की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल में छात्रों के साथ धर्म और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव किया जाता है। छात्रों ने यह भी कहा कि कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें पूरी सुरक्षा नहीं दी जा रही, जबकि वे चार साल की फीस भरकर यहां पढ़ाई करने आए हैं।
दूसरी ओर इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी जगजीत सिंह वालिया ने कहा कि खालसा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था की कोई समस्या पैदा न हो। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से भी एक आंतरिक जांच कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
डीसीपी ने कहा कि अभी तक किसी बड़ी चोट या हथियार इस्तेमाल होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो भी सबूत और तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की कि इस मामले को धर्म या किसी राज्य से जोड़कर न देखा जाए और अफवाहों से बचा जाए।
फिलहाल कॉलेज कैंपस में माहौल शांत बताया जा रहा है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों में घटना को लेकर चिंता बनी हुई है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन द्वारा जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
