गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
गुस्ताखी माफ हो भई, पर बात सच्ची सै—हरियाणा की बोली में सीधी और तगड़ी।
अपन भी पहुंच गए मुंबई की हिट फिल्म देखने, और इब राजनीति का सीन भी कम फिल्मी ना रह गया सै। उधर राज्यसभा में रेखा शर्मा जी बैठी सैं, भाजपा की नेता—पर इधर हरियाणा में मोहन लाल बड़ौली अध्यक्ष बनके हीरो बन रहे सैं।
कुलदीप बिश्नोई भी ठा के गरजे—कह दिया साफ-साफ, “रेखा शर्मा अपनी औकात में रहे। नौसिखिया को राज्यसभा में थोप दिया मोदी ने।”
और बात यहीं ना रुकी—बोले, “भाजपा दो बार मेरे कारण सत्ता में आई सै, ना भूलो इस बात ने… और अगर जरूरत पड़ी, तो मिट्टी में मिला दूंगा।”
इब देखणा ये सै कि ये राजनीति का ड्रामा किस मोड़ पे जाके थमगा—पर हरियाणा की बोली में कहें तो, “मामला गरम सै, और आगे-आगे देखो होवे सै के!”
