नाबालिक लड़की को युवक ने भगाया, चौकी इंचार्ज अपट्रान धनंजय सिंह ने समझौता कराया 

डीसीपी पूर्वी की फटकार के बाद दर्ज हुई प्रथम सूचना रिपोर्ट 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी कमिश्नरेट के थाना चिनहट की अपट्रान चौकी क्षेत्र में अमन रावत नामक युवक द्वारा 26/27 अप्रैल 2026 की रात को नाबालिक लड़की को घर से भगा ले गया। जब इसकी जानकारी घरवालों को हुई तब पीड़ित परिवारजनों के द्वारा एक लिखित शिकायत के बाद आरोपी से टेलिफोनिक वार्ता करके लगभग तीन वर्षों से तैनात प्रभावशाली अपट्रान चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह के द्वारा ऐसे गंभीर मामले में कार्रवाई करने के बजाय मामले को लीपापोती सुलह करवाकर मामले को दबाने का पूरा प्रयास किया गया।

लेकिन जब पीड़ित को न्याय नहीं मिला तब उसने डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के पास पहुंच कर आपबीती सुनाई पूरा मामला सुनने के बाद तत्काल डीसीपी पूर्वी डॉक्टर दीक्षा शर्मा ने कड़ी फटकार लगाई फटकार के बाद चिनहट पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। लेकिन उसके बाद भी चौकी इंचार्ज अपट्रान धनंजय सिंह ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाने हेतु दिए पत्र मे लिखित बिंदुओं को दर किनार कर अपने हिसाब से 27 अप्रैल 2026 की रात में दिए गए शिकायती पत्र का उल्लेख करके अपना खेल कर ही डाला।

पीड़ित परिवारजनों ने मीडिया से कहा कि हमें धनंजय सिंह पर बिल्कुल विश्वास नहीं है अगर यह विवेचना धनंजय सिंह करते हैं तो हमें न्याय मिलने की कोई संभावना नहीं है। पीड़ितों ने चौकी इंचार्ज पर यह भी आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज का संरक्षण प्राप्त अमन रावत व उनके परिवार वाले लोग मेरी अथवा मेरे परिवार की हत्या कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा व न्याय कौन दिलाएगा। यह उच्च अधिकारी इस मामले को संज्ञान लेकर विवेचना किसी और को सौंपेंगे।

यह धनंजय सिंह विवेचना में फिर कोई बड़ा खेल कर देगा। जिसकी वजह से आरोपी न्यायालय से निर्दोष मुक्त हो सकते हैं। आपको बताते चले कि अपट्रान चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है क्षेत्रीय लोग यह भी कहते हैं कि चौकी इंचार्ज साहब अवैध मिट्टी खनन मछली पालन माफियाओं के साथ साथ गलत कामों में इनकी संलिप्तता बताई जाती है। और महीना में लाखों रुपए की वसूली की जाती है।
जानकारी के अनुसार यह भी बताया जाता है कि लगभग 3 वर्षों से अपट्रान चौकी पर विराजमान प्रभावशाली चौकी इंचार्ज धनंजय सिंह के विरुद्ध मुख्यमंत्री के लोकप्रिय आई जीआर एस पोर्टल पर अनेको शिकायतें होने के बाद भी न तो अपट्रान चौकी से न ही चिनहट थाने हटाया गया।

सबसे अहम बात यह है कि पुलिस नियम के अनुसार एक चौकी इंचार्ज 3 वर्ष तक एक चौकी पर नहीं रह सकता है। क्या कारण है की चौकी इंचार्ज साहब का चौकी से मोह नहीं खत्म हो रहा है या फिर उनके लिए पुलिस नियमों का पुलिस विभाग में कोई मतलब नहीं है। अब सवाल या बनता है कि ऐसे पुलिसकर्मियों को कौन संरक्षण दे रहा है जो मलाईदार चौकी दिलाने का काम कर रहे हैं। जिसकी वजह से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है और चौकी इंचार्ज साहब माल कमाने में लगे।

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31655010260223_श्री रविकान्त अवस्थी

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