नेशनल हाईवे NH 530B मैं हो रहा प्लास्टिक की सरिया का प्रयोग
हाईवे के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लोहे की दीवारों एवं नालों में कहीं एक कहीं दो सरिया प्लास्टिक की लगाई जा रही है
- रिपोर्ट- हरिशचंद्र
कासगंज जनपद में इस समय nh 530b नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है यह मार्ग मथुरा से बरेली जाने का मुख्य मार्ग है और इसकी मुख्य मार्ग में गिनती है और लंबा भी है जिस कारण सरकार के द्वारा चौड़ीकरण किया जा रहा है निर्माण कंपनी के द्वारा जगह-जगह इस नेशनल हाईवे में डिवाइडर पुलिया ओवर ब्रिज अंडरपास सर्विस रोड लिंक रोड आज बनाए जा रहे हैं जिम लोहे की दीवारों से पहले शटरिंग बनाई जाती है उसके बाद उसमें सीमेंट और कंक्रीट भरकर उसकी दीवार के रूप में खड़ा कर दिया जाता है जिसमें अधिकतर लोहे की सरिया का प्रयोग होता है लेकिन हैरानी की बात है यहां लोहे की सरिया के साथ-साथ प्लास्टिक की सरिया का भी उपयोग देखने को मिला है नालों में और डिवाइडरों में कहीं-कहीं एक-एक सरिया और कहीं-कहीं दो दो सरिया प्लास्टिक की लगाई जा रही है लेकिन यह पता नहीं यह सरिया क्यों लगाई जा रही है या यह कोई नई तकनीक है या निर्माण कंपनी के ठेकेदारों के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है यह जांच का विषय है और इसकी जांच होना भी जरूरी है भास्कर रिपोर्टर ने जब उसे सरिया को एक एट के छोटे से पत्थर के टुकड़े से उसे तोड़ना चाह तो वह तुरंत टूट गई जिससे यह साबित होता है कि वह वास्तविक लोहे की सरिया के मुताबिक मजबूत नहीं है अब देखते हैं इस खबर के बाद उच्च अधिकारियों के द्वारा किस संज्ञान में लिया जाता है या नहीं
