गाजियाबाद में संदिग्ध हालात में युवक घायल, पुलिस पर घटना छिपाने के आरोप
युवक के मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, चार पुलिसकर्मी निलंबित
गाजियाबाद: थाना निवाड़ी क्षेत्र के कस्बा पतला से एक उलझा हुआ मामला सामने आया है, जहां एक युवक के साथ हुई कथित दुर्घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, अमित पुत्र सुभाष, निवासी कस्बा पतला, जो वर्तमान में नगर पंचायत पतला में कार्यरत है, 7 अप्रैल 2026 की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घायल हो गया।
परिजनों का आरोप है कि कस्बा पतला स्थित पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने देर रात करीब 1 बजे फोन कर सूचना दी कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है और उसे गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, परिवार का कहना है कि पुलिस ने घटना के समय और स्थान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
परिवार के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि अमित रात करीब 11 बजे डीजीआर पब्लिक स्कूल के पास सड़क पर घायल अवस्था में मिला था, जो पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि घटना 11 बजे हुई थी तो परिजनों को सूचना देने में करीब दो घंटे की देरी क्यों की गई।
घटना के दो दिन बाद पीड़ित का भाई लोगों के साथ निवाड़ी थाने पहुंचा और जोरदार हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसीपी मोदीनगर मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
मामला बढ़ने के बाद डीसीपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों—दरोगा लोकेंद्र, दरोगा साजिद खान, हेड कांस्टेबल सचिन मोहन और कांस्टेबल नरेंद्र—को निलंबित कर दिया है। साथ ही पीड़ित परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इसी बीच एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अमित मुरादनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट से भागते हुए नजर आ रहा है, जबकि चार पुलिसकर्मी उसके पीछे दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस फुटेज के सामने आने के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
