नवमी कन्या पूजन 2026: निमंत्रण से विदाई तक जानें पूरी विधि, नियम और महत्व

चैत्र और शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन दिनों कन्या पूजन करना मां दुर्गा की आराधना के समान माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, छोटी कन्याओं में देवी का वास होता है और उनकी सेवा से सभी कष्ट दूर होते हैं। ऐसे में सही विधि और नियमों के साथ कन्या पूजन करना बेहद जरूरी है।

 कन्या पूजन की तिथि और शुभ समय

नवरात्रि में अष्टमी (महागौरी पूजन) या नवमी (सिद्धिदात्री पूजन) के दिन कन्या पूजन किया जाता है। पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। पूजन से पहले घर की साफ-सफाई कर स्वयं भी शुद्ध होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।

 स्टेप-बाय-स्टेप कन्या पूजन विधि

1. निमंत्रण:
पूजा से एक दिन पहले कन्याओं को उनके घर जाकर सादर आमंत्रित करें।

2. स्वागत व पाद प्रक्षालन:
घर आने पर ‘जय माता दी’ कहकर स्वागत करें और उनके चरण जल या दूध मिश्रित जल से धोएं।

3. तिलक व पूजा:
कन्याओं के माथे पर कुमकुम और अक्षत से तिलक लगाएं।

 मंत्र:
कुमकुमं शोभनं दिव्यं सर्वायुधसमन्वितम्।
भक्त्या दत्तं मया देवि प्रसीद परमेश्वरि॥

4. रक्षासूत्र व पुष्प अर्पण:
कन्याओं और साथ आए बालक (लांगूर) की कलाई पर मौली बांधें और पुष्प अर्पित करें।

5. कन्या भोज:
हलवा, पूरी और काले चने का भोग श्रद्धा से कराएं। साथ में फल भी दे सकते हैं।

कन्या पूजन के जरूरी नियम
आयु का ध्यान: 2 से 10 वर्ष की कन्याएं ही पूजन के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
बटुक भैरव: एक बालक का साथ होना जरूरी है, जिसे भैरव का रूप माना जाता है।
सात्विक भोजन: भोजन में लहसुन, प्याज या तामसिक चीजों का प्रयोग न करें।
सम्मानपूर्ण व्यवहार: कन्याओं से प्रेमपूर्वक व्यवहार करें, उन्हें डांटना-टोकना नहीं चाहिए।
 विदाई और दक्षिणा का महत्व

भोजन के बाद कन्याओं के हाथ धुलवाकर उनके चरण स्पर्श करें और आशीर्वाद लें। उन्हें दक्षिणा, फल, लाल चुनरी, श्रृंगार सामग्री या स्टेशनरी उपहार में दें। अंत में पूरे सम्मान के साथ उन्हें विदा करें।

 क्यों खास है कन्या पूजन?

कन्या पूजन से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। यह परंपरा नारी शक्ति के सम्मान और देवी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है।

नवरात्रि की नवमी पर विधिपूर्वक कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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