- रिपोर्ट: नीरज मित्तल
फरीदाबाद। जिले में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ब्राह्मण सभा फरीदाबाद ने शादी समारोहों और अन्य आयोजनों में प्रचलित कई कुरीतियों को समाप्त करने का फैसला लिया है। अनाज मंडी बल्लभगढ़ स्थित ब्राह्मण भवन में आयोजित पंचायत में यह अहम निर्णय लिया गया।
पंचायत में जिलेभर के गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों से आए गणमान्य लोग तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभा के प्रधान बृजमोहन बातिश ने कहा कि समाज में कई परंपराएं समय के अनुसार शुरू हुई थीं, लेकिन वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है या उनमें विकृतियां आ गई हैं।
उन्होंने विशेष रूप से शादी समारोहों में डीजे पर रोक लगाने की बात कही। उनका कहना था कि डीजे से न केवल माहौल खराब होता है बल्कि इससे स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही लगन-सगाई में दहेज की सूची पढ़ने की परंपरा, अनावश्यक खर्च, चद्दर देने की प्रथा और अन्य दिखावटी रस्मों को भी बंद करने का निर्णय लिया गया।
पंचायत में तय किया गया कि शादी, भात और छूछक जैसे कार्यक्रमों में मेहमानों की संख्या सीमित रखी जाएगी और खर्च लेने की परंपरा समाप्त की जाएगी। वहीं शोक सभाओं से जुड़ी कई परंपराओं में भी बदलाव का निर्णय लिया गया, जिसमें तेहरवीं से पहले भोजन व्यवस्था बंद करना और सादगीपूर्ण आयोजन करना शामिल है।
इसके अलावा पगड़ी रस्म को भी सरल और सीमित रूप में करने पर सहमति बनी तथा महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पंचायत में मौजूद सभी लोगों ने एकमत से इन 10 कुरीतियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया और इस फैसले को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वहीं कुछ अन्य परंपराओं पर सहमति न बनने के कारण उन्हें लेकर आसपास के जिलों से चर्चा कर आगे निर्णय लेने की बात कही गई।
