नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि का पर्व सिर्फ व्रत और पूजा का समय नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और शुद्धता बनाए रखने का भी विशेष अवसर होता है। इन नौ दिनों में घर में लाई गई हर वस्तु का प्रभाव वातावरण और पूजा-पाठ पर पड़ता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि नवरात्रि के दौरान किन चीजों की खरीदारी से बचना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में जूते-चप्पल खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि ये बाहरी गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़े होते हैं। खासतौर पर लेदर से बने फुटवियर इस दौरान पूरी तरह वर्जित माने जाते हैं।
इसी तरह चाकू, कैंची और ब्लेड जैसी धारदार वस्तुओं की खरीदारी भी न करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ये चीजें घर में विवाद और क्लेश की स्थिति पैदा कर सकती हैं, जिससे सकारात्मक माहौल प्रभावित होता है।
नवरात्रि में सात्विक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में शराब, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की खरीदारी और सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर और मन की शुद्धता के विपरीत माने जाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान लोहे की वस्तुओं की खरीदारी भी टालनी चाहिए। माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और पूजा का प्रभाव कम हो सकता है।
इसके अलावा नवरात्रि में काले रंग के कपड़े पहनने और खरीदने से भी परहेज किया जाता है। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जबकि लाल, पीला और हरा जैसे रंग शुभ और सकारात्मकता के प्रतीक होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और माता रानी की कृपा प्राप्त होती है।
