निरंकारी संत समागम में गूंजा मानव एकता का संदेश, प्रेम-सेवा से जीवन सार्थक बनाने की प्रेरणा

एटा, 23 मार्च 2026। रेलवे ग्राउंड, पराग डेयरी, कानपुर में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रादेशिक निरंकारी संत समागम का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। परम पूज्य निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद एवं निरंकारी राजपिता जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस समागम में आध्यात्म, प्रेम, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।

उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं के साथ एटा जिले से भी बड़ी संख्या में निरंकारी भक्तों ने सहभागिता की। समागम स्थल को सुव्यवस्थित टेंट नगरी के रूप में सजाया गया था, जहां स्वच्छता, अनुशासन और भाईचारे का वातावरण बना रहा।

समागम से पूर्व निरंकारी यूथ फोरम द्वारा खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से टीम भावना और अनुशासन का संदेश दिया गया। साथ ही निरंकारी यूथ सिम्पोजियम के जरिए युवाओं को आध्यात्मिक विषयों पर विचार व्यक्त करने का मंच मिला।

कार्यक्रम के दौरान “छह तत्व” विषय पर आधारित स्किट, गीत और पैनल चर्चा के माध्यम से यह बताया गया कि आध्यात्मिकता केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

अपने आशीर्वचनों में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि परमात्मा हमारे विचारों, भावनाओं और कर्मों में प्रकट होता है। उन्होंने जीवन को प्रेम, दया, करुणा, विनम्रता और सहनशीलता जैसे गुणों से परिपूर्ण बनाने की प्रेरणा दी। तितली के उदाहरण के माध्यम से उन्होंने सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया और नेकी के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति और सत्संग से मन को शांति मिलती है और जीवन का उद्देश्य पूरा होता है। सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का आधार बताते हुए समर्पण भाव से जीवन जीने की प्रेरणा दी।

समागम का समापन श्रद्धालुओं के मन में एकता, प्रेम और मानवता के मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन के अंत में निरंकारी मिशन की ओर से प्रशासन और सभी सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया गया।

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