आजकल सेहत को लेकर जागरूक लोगों के बीच एक सवाल अक्सर चर्चा में रहता है कि दिल की सेहत के लिए सरसों का तेल बेहतर है या देसी घी। इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए Dr Bimal Kumar Sahu ने आसान भाषा में पूरी सच्चाई समझाई है।
डॉ. साहू के अनुसार, रोजमर्रा के खाना बनाने के लिए सरसों का तेल दिल के लिए ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है, बशर्ते इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में किया जाए।
देसी घी क्यों सीमित मात्रा में लें?
देसी घी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कुछ जरूरी विटामिन भी देता है, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट अधिक होता है। ज्यादा मात्रा में सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ सकता है, जिससे धमनियों में चर्बी जमने लगती है और दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या मोटापे से ग्रसित लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
सरसों का तेल क्यों बेहतर माना जाता है?
सरसों के तेल में अनसैचुरेटेड फैट (Monounsaturated और Polyunsaturated fats) अधिक होते हैं, जो दिल के लिए फायदेमंद होते हैं। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने, सूजन कम करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि तेल को बार-बार ज्यादा गर्म न करें और एक ही तेल को बार-बार तलने के लिए इस्तेमाल न करें।
क्या घी बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?
डॉक्टर के अनुसार, घी पूरी तरह से त्यागने की जरूरत नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन और कोलेस्ट्रॉल सामान्य है, वे सीमित मात्रा में घी का सेवन कर सकते हैं।
सेहत के लिए क्या रखें ध्यान?
रोजाना खाना बनाने में सरसों का तेल इस्तेमाल करें
घी का उपयोग कम मात्रा में केवल स्वाद के लिए करें
कुल तेल और घी का सेवन सीमित रखें
तला-भुना और अधिक कैलोरी वाला भोजन कम लें
निष्कर्ष
दिल की सेहत के लिए सरसों का तेल बेहतर विकल्प है, जबकि देसी घी का सेवन कभी-कभार और सीमित मात्रा में करना चाहिए। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप किस चीज का कितना और कैसे इस्तेमाल करते हैं।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
