उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रभाव लगातार बना हुआ है। वह दो बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं और 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तब से लेकर अब तक वह प्रदेश के प्रमुख और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती देखने को मिली है और सरकार माफिया पर कार्रवाई को लेकर भी चर्चा में रही है। साथ ही प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और हवाई अड्डों के निर्माण को लेकर भी तेजी से काम हुआ है।
राजनीतिक तौर पर योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व के मजबूत और मुखर नेता के रूप में भी पहचान मिली है। औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ वे प्रदेश की राजनीति में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
अगर उनकी संपत्ति की बात करें तो 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार उनके पास करीब 95.98 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है, जो एक करोड़ रुपये से कम है। खास बात यह है कि उनके ऊपर किसी भी प्रकार का कर्ज नहीं है।
वेतन की बात करें तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ को लगभग 3.65 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। देश में मुख्यमंत्री के वेतन के मामले में उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जबकि तेलंगाना और दिल्ली क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को सरकारी आवास, वाहन, सुरक्षा, मुफ्त यात्रा, चिकित्सा सुविधाएं और निजी स्टाफ जैसी कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वह राज्य के प्रशासन को सुचारू रूप से चला सकें।
