नई दिल्ली। Navratri सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि रंगों और ऊर्जा का भी गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है। हर दिन एक खास रंग देवी के अलग स्वरूप और शक्ति से जुड़ा होता है। मान्यता है कि सही दिन सही रंग पहनने से जीवन में सकारात्मक बदलाव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पहला दिन – पीला रंग (मां शैलपुत्री)
पीला रंग नई शुरुआत, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलने में सहायक माना जाता है।
दूसरा दिन – हरा रंग (मां ब्रह्मचारिणी)
हरा रंग शांति, संतुलन और विकास का संकेत देता है। इसे पहनने से मानसिक स्थिरता और तरक्की की राह मजबूत होती है।
तीसरा दिन – ग्रे रंग (मां चंद्रघंटा)
ग्रे रंग धैर्य और शक्ति का प्रतीक है। कठिन परिस्थितियों में मजबूती प्रदान करता है।
चौथा दिन – नारंगी रंग (मां कूष्मांडा)
नारंगी रंग उत्साह, आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। यह सफलता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
पांचवां दिन – सफेद रंग (मां स्कंदमाता)
सफेद रंग शांति, पवित्रता और सुकून का प्रतीक है। यह मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है।
छठा दिन – लाल रंग (मां कात्यायनी)
लाल रंग शक्ति, साहस और प्रेम का प्रतीक है। यह आत्मविश्वास बढ़ाने और इच्छाओं की पूर्ति में सहायक माना जाता है।
सातवां दिन – नीला रंग (मां कालरात्रि)
नीला रंग नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और आंतरिक शक्ति को मजबूत करने का संकेत देता है।
आठवां दिन – गुलाबी रंग (मां महागौरी)
गुलाबी रंग प्रेम, करुणा और सौंदर्य का प्रतीक है। यह रिश्तों में मधुरता और जीवन में खुशियां लाता है।
नौवां दिन – बैंगनी रंग (मां सिद्धिदात्री)
बैंगनी रंग आध्यात्मिक उन्नति, सफलता और सिद्धि का प्रतीक है। यह मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
रंगों का महत्व समझें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये रंग केवल परिधान नहीं बल्कि ऊर्जा के प्रतीक हैं। अगर श्रद्धा और विश्वास के साथ इन रंगों को अपनाया जाए, तो यह जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस नवरात्रि रंगों को हल्के में न लें, बल्कि सही दिन सही रंग अपनाकर देवी की कृपा प्राप्त करें।
डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।
