Navratri 2026: कलश स्थापना की सही विधि, जानें 10 शुभ चीजें और जरूरी नियम

नई दिल्ली। Chaitra Navratri 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है, जो 27 मार्च तक चलेगी। नवरात्रि के इन पावन दिनों में घर-घर में मां Durga की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान होता है कलश स्थापना (घट स्थापना), जिसे देवी शक्ति को घर में आमंत्रित करने का प्रतीक माना जाता है।

कलश में डालें ये 10 शुभ चीजें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के समय उसमें डाली जाने वाली सामग्री का विशेष महत्व होता है।

शुद्ध जल या गंगाजल – पवित्रता का प्रतीक

सिक्का (1, 5 या 10 रुपये) – धन और समृद्धि

सुपारी – स्थिरता और दृढ़ता

हल्दी की गांठ – शुभता

अक्षत (साबुत चावल) – पूर्णता

दूर्वा घास – दीर्घायु और हरियाली

पंचरत्न या सर्व औषधि (यदि संभव हो) – समृद्धि

कलावा (मौली) – सुरक्षा और संकल्प

आम के 5 या 7 पत्ते – जीवन ऊर्जा

नारियल (लाल कपड़े में लिपटा) – माता लक्ष्मी का स्वरूप

कलश स्थापना के जरूरी नियम

कलश स्थापना केवल सामग्री रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कुछ महत्वपूर्ण नियम भी होते हैं—

कलश को हमेशा जवारे (जौ) के बीच में स्थापित करें।

नारियल की शिखा (मुख) अपनी ओर रखें, इससे सकारात्मक ऊर्जा घर में बनी रहती है।

कलश के नीचे मिट्टी और जौ रखना शुभ माना जाता है।

स्थापना के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) सबसे उत्तम मानी जाती है।

पूजा स्थल पर स्वच्छता और शांति बनाए रखना आवश्यक है।

सही विधि से पूजा का मिलता है पूर्ण फल

मान्यता है कि विधि-विधान से की गई कलश स्थापना से घर में सुख, शांति, धन और सौभाग्य का वास होता है। यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है, बल्कि पूरे नवरात्रि के दौरान घर में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखती है।

अगर इस नवरात्रि आप सही नियमों और विधि का पालन करते हैं, तो यह पूजा आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव और समृद्धि का मार्ग खोल सकती है।

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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